PM Modi: पीएम मोदी ने सीईओ राउंडटेबल में अपने संबोधन में कहा कि आज का भारत विशालता और स्थिरता का प्रतीक है और इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छ ऊर्जा और कनेक्टिविटी के मामले में दुनिया का कोई भी देश इसकी गति का मुकाबला नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि इसी वजह से भारत ग्लोबल विकास में 17% का योगदान दे रहा है.
PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई से पांच देशों के आधिकारिक दौरे पर हैं. उन्होंने शुक्रवार को अपनी इस यात्रा की शुरुआत यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) से की. अबू धाबी में करीब ढाई घंटे रहने के बाद प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड के लिए रवाना हो गए. यूरोप के इस देश में पीएम मोदी की यात्रा ने भारतीय युवाओं के लिए खुशखबरी दी है. मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को डच कंपनियों को भारत में डिजाइन, इनोवेशन और उत्पादन करने के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने इस दौरान कहा कि देश अपार अवसर प्रदान करता है. इन कंपनियों के आने से भारत में रोजगार के अवसर मिलेंगे और भारतीय युवाओं को नौकरी मिलने की संभावना होगी.
शनिवार को पीएम मोदी ने नीदरलैंड के शहर हेग में वहां के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से मुलाकात की और कई मुद्दों पर बातचीत की. मोदी ने अपने डच समकक्ष रॉब जेटेन के साथ, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और एएसएमएल के बीच गुजरात के धोलेरा में सेमीकंडक्टर फैब को समर्थन देने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर होते हुए भी देखे.
पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “प्रधानमंत्री रॉब जेटेन और मैंने हेग में आर्थिक संबंधों पर आयोजित CEO राउंडटेबल में हिस्सा लिया. CEOs ने भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अपने निवेश के बारे में चर्चा की. अपने संबोधन में, मैंने भारत की सुधार यात्रा और भविष्योन्मुखी क्षेत्रों पर दिए जा रहे जोर को रेखांकित किया. मैंने कंपनियों को भारत में अपना निवेश बढ़ाने और हमारे प्रतिभाशाली युवाओं के साथ मिलकर काम करने के लिए आमंत्रित किया.”
FTA को जल्द से जल्द लागू करने की बात
दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द से जल्द लागू करने की भी बात कही. एक आधिकारिक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि यह एफटीए भारत और यूरोपीय संघ को खुले बाजारों, समावेशी विकास और सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं के प्रति प्रतिबद्ध विश्वसनीय साझेदारों के रूप में मजबूत करता है.
पीएम ने भारत में डच कंपनियों को किया आमंत्रित
पीएम मोदी ने सीईओ राउंडटेबल में अपने संबोधन में कहा कि आज का भारत विशालता और स्थिरता का प्रतीक है, और बुनियादी ढांचे, स्वच्छ ऊर्जा और कनेक्टिविटी के मामले में दुनिया का कोई भी देश इसकी गति का मुकाबला नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि इसी वजह से भारत ग्लोबल विकास में 17% का योगदान दे रहा है.
इस बात पर जोर देते हुए कि सरकार ने निरंतर सुधारों के माध्यम से भारत के आर्थिक डीएनए को बदल दिया है, पीएम मोदी ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर को नीतिगत पूर्वानुमान देने और उनके लिए अवसरों को बढ़ाने के लिए, देश ने अंतरिक्ष, खनन और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र खोल दिए हैं.
मोदी ने आगे कहा कि भारत में मैन्यूफैक्चरिंग अब अत्यधिक लागत प्रभावी होता जा रहा है और सेवा क्षेत्र में देश अपनी प्रतिभा के बल पर दक्षता और इनोवेशन का इंजन बन गया है. उन्होंने मीटिंग को सूचित किया कि सभी ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों ने भारत में अपने वैश्विक क्षमता केंद्र खोले हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हम आप सभी को भारत में डिजाइन और नवाचार करने के लिए आमंत्रित करते हैं. इसके लिए आज से बेहतर समय कोई नहीं हो सकता.” इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2026 भारत और यूरोप के बीच संबंधों में एक नए ‘स्वर्ण युग’ की शुरुआत का प्रतीक है.
इन कंपनियों के दिग्गज हुए शामिल
नीदरलैंड में पीएम मोदी ने वहां के कई दिग्गज कंपनियों के सीईओ व अन्य अधिकारियों के साथ मीटिंग की और उन्हें भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया. इस बैठक में कई कंपनियों के दिग्गज शामिल हुए. इनमें, कीथ स्वेन्डसेन (सीईओ, एपीएम टर्मिनल्स), क्रिस्टोफ फोकेट (प्रेसिडेंट और सीईओ, एएसएमएल), अर्नआउट डेमेन (सीईओ, डेमेन शिपयार्ड्स ग्रुप), डॉल्फ वैन डेन ब्रिंक (कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ, हेनेकेन), मारजन रिंटेल (प्रेसिडेंट और सीईओ, केएलएम रॉयल डच एयरलाइंस), मौरिस गेरेट्स (सीईओ, एनएक्सपी सेमीकंडक्टर्स नीदरलैंड्स), रॉय जैकब्स (सीईओ, फिलिप्स), बॉडविन सीमन्स (सीईओ, पोर्ट ऑफ रॉटरडैम) और ओको रोएलोफसेन (सीईओ, पावर2एक्स) शामिल हैं.
भारत और नीदरलैंड के रिश्ते
भारत और नीदरलैंड के बीच रिश्ते को और अधिक मजबूत करने में नागरिकों की भी बड़ी भूमिका रही है. रिपोर्ट के अनुसार, नीदरलैंड में 90 हजार से अधिक प्रवासी भारतीय और भारतीय मूल के लोग रहते हैं. वहीं, सूरीनाम-हिंदुस्तानी समुदाय के दो लाख से अधिक सदस्य भी हैं. अभी करीब 3500 भारतीय छात्र डच विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि पीएम मोदी की नीदरलैंड और तीन अन्य यूरोपीय देशों – स्वीडन, नॉर्वे और इटली – की यात्रा इस वर्ष की शुरुआत में अंतिम रूप दिए गए भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते और 2025 में हस्ताक्षरित भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते की पृष्ठभूमि में हो रही है.
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News Source: PTI
