PM Modi: भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के मौके पर सरकार ने कहा है कि पिछले 12 वर्षों में इनकम टैक्स के बोझ में कमी सरकार के ‘रामराज्य’ के विज़न को दिखाती है. सरकार ने कहा कि GST, फेसलेस टैक्स और डिजिटल इंडिया जैसे सुधारों ने सरकारी सिस्टम में 12 वर्षों का भरोसा बनाने में मदद की है, जिससे भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में मदद मिलेगी. मोदी सरकार की उपलब्धियों को बताते हुए कहा गया है कि टैक्सपेयर्स का भरोसा बढ़ने से सड़कों, अस्पतालों, इंफ्रास्ट्रक्चर और देश के भविष्य को मजबूत करने वाली अन्य पहलों में अधिक निवेश संभव हुआ है.
टैक्स में मिली राहत
मोदी सरकार ने 2014 से अब तक चार बार लोगों को टैक्स में राहत दी है. पिछले 12 वर्षों में सालाना टैक्स फ्री इनकम की सीमा 6 बार बढ़ाई गई है. जो पहले 2 लाख रुपये थी, वह अब 12.75 लाख रुपये हो गई है. इस दौरान इनकम टैक्सपेयर्स की संख्या 5.26 करोड़ से बढ़कर 12.13 करोड़ हो गई है. कहा गया कि जब सरकार की आमदनी बढ़ी, तो वह पैसा सरकारी खजाने में ही नहीं रुका, बल्कि नागरिकों के पास वापस पहुंचा. साथ ही, इनकम टैक्स रिफंड जल्दी मिलने से टैक्स देने वालों के पास कैश की उपलब्धता बेहतर हुई है. इसमें आगे कहा गया कि टैक्स का बोझ कम हुआ है और लोगों का भरोसा बढ़ा है. नतीजा यह है कि टैक्स देने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है क्योंकि लोग देखते हैं कि उनका पैसा सड़कों, अस्पतालों और देश के भविष्य पर खर्च हो रहा है. यही अच्छा शासन है, यही ‘रामराज्य’ का संदेश है.
कहा गया कि भारत की विकास यात्रा कमजोर पांच अर्थव्यवस्थाओं से बदलकर सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गई है. बताया गया कि 2013 में भारत दुनिया की पांच सबसे कमज़ोर अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन कड़े और निर्णायक सुधारों ने पूरी स्थिति ही बदल दी इसमें कहा गया कि आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर गर्व से खड़ा है. इस बड़े बदलाव के पीछे कई अहम सुधार हैं.
महंगाई पर नियंत्रण
सुधारों का ज़िक्र करते हुए इसमें बताया गया कि सरकार ने महंगाई को सफलतापूर्वक काबू में किया, GST लागू करके पूरे देश को एक ही बाज़ार में बदला और बैंकिंग सुधार किए, जिससे नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) में कमी आई. कहा गया कि सुधारों के ये बारह साल भरोसे के बारह साल बन गए हैं. चाहे GST हो, फेसलेस टैक्स हो या डिजिटल इंडिया, हर कदम ने नागरिकों को यह महसूस कराया है कि वे भी देश बनाने में योगदान दे रहे हैं. भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है. यह सिर्फ़ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि हर भारतीय के सपने की उड़ान है.
News Source: PTI
