Home Top News विपक्ष का हंगामा: राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही स्थगित, केंद्र ने लगाया विश्वासघात का आरोप

विपक्ष का हंगामा: राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही स्थगित, केंद्र ने लगाया विश्वासघात का आरोप

by Vikas Kumar 28 July 2025, 1:27 PM IST (Updated 10 February 2026, 4:31 PM IST)
28 July 2025, 1:27 PM IST (Updated 10 February 2026, 4:31 PM IST)
Opposition Protest Parliament

Opposition Protest Parliament: स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन पर विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा को दोपहर एक बजे तक स्थगित किया गया जबकि राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित की गई.

Opposition Protest Parliament: संसद के दोनों सदनों में विपक्ष का हंगामा जारी है. स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन पर विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा को दोपहर एक बजे तक स्थगित किया गया जबकि राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित की गई. बिहार में मतदाता सूची संशोधन सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण सोमवार को राज्यसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी. दोपहर 12 बजे प्रश्नकाल के लिए सदन की कार्यवाही जैसे ही दोबारा शुरू हुई, कई विपक्षी सांसद खड़े हो गए और तृणमूल कांग्रेस की सुष्मिता देव भी आसन के सामने आ गईं और विभिन्न मुद्दे उठाने लगीं. शोर-शराबा जारी रहने पर कार्यवाही स्थगित कर दी गई.

26 नोटिस मिले हैं

सुबह के सत्र (शून्यकाल) के दौरान, उपसभापति हरिवंश ने कहा कि उन्हें नियम 267 के तहत विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) और अन्य राज्यों में बंगाली प्रवासी श्रमिकों के साथ कथित भेदभाव सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग करते हुए 26 नोटिस मिले हैं. उन्होंने सभी स्थगन नोटिस अस्वीकार कर दिए और सुधा मूर्ति (मनोनीत सदस्य) को शून्यकाल में अपना उल्लेख करने के लिए बुलाया. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस सहित विपक्षी सदस्य सभापति के फैसले का विरोध करते हुए खड़े हो गए. वे ‘वोट की चोरी बंद करो’ जैसे नारे लगा रहे थे, जिसके बाद सभापति ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, अन्नाद्रमुक के नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्यों आई.एस. इनबादुरई और एम. धनपाल को शपथ दिलाई गई. उपसभापति ने सदन को यह भी बताया कि नोटिस डिजिटल रूप से जमा किए जाने चाहिए, क्योंकि कुछ सदस्य अभी भी भौतिक रूप से नोटिस जमा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सभी नोटिस डिजिटल संसद पोर्टल के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं.

‘ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा से भाग रहा विपक्ष’

केंद्र सरकार ने सोमवार को पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में निर्धारित बहस न होने देने पर विपक्ष पर “विश्वासघात” का आरोप लगाया. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया को बताया कि चर्चा शुरू होने से कुछ मिनट पहले, विपक्ष चाहता था कि सरकार यह आश्वासन दे कि ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा समाप्त होने के बाद वह बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर चर्चा की अनुमति देगी. उन्होंने कहा कि विपक्ष शुरुआती सहमति के बाद ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा से भाग रहा है और अब शर्तें लगा रहा है. रिजिजू ने कहा कि संसद नियमों के अनुसार चलती है और उन्होंने विपक्ष पर अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछे हटने और सभी के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “विपक्ष ऑपरेशन सिंदूर पर बहस से भागने के तरीके ढूंढ रहा है.”

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