Donald Trump: ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते को लेकर 15 जून को एक बड़ा ऐलान हुआ था. अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट करके दुनिया को बताया था, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है. सभी को बधाई! मैं इसके जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना किसी रोक-टोक के खोलने की पूरी मंजूरी देता हूं.”
ट्रंप ने पोस्ट में आगे कहा, “और साथ ही, अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने का भी आदेश देता हूं. दुनिया भर के जहाजों, अपने इंजन चालू करो. तेल का फ्लो शुरू होने दो!” उन्होंने यह भी जानकारी दी थी कि 19 जून को ईरान और अमेरिका स्विट्जरलैंड में शांति समझौते पर साइन करेंगे.
इस बीच अमेरिकी प्रेसिडेंट ने समझौते को लेकर एक बड़ा दावा या यूं कहें कि एक बड़ा बयान दिया है. आइए जानते हैं पूरी खबर.
ईरान को 300 मिलियन डॉलर देने की बात झूठ- ट्रंप
मिली जानकारी के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच होने जा रहे शांति समझौते में कई बातें हैं, इनमें लेबनान सहित सभी सक्रिय मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तुरंत और स्थायी रूप से समाप्त करना, हस्ताक्षर होने के 30 दिनों के भीतर ईरानी बंदरगाहों से अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी को पूरी तरह हटाना और ईरान के आस-पास के क्षेत्रों से अमेरिकी सैन्य बलों को पीछे हटाने की प्रतिबद्धता शामिल है. इसके अलावा ईरान के द्वारा परमाणु हथियारों को न बनाने की शर्तें भी शामिल हैं.
शांति समझौते में कहा गया है कि परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के तहत ईरान ने यह दोहराया है कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा या हासिल नहीं करेगा. इस शर्त पर ट्रंप ने भी हामी भरी है. उन्होंने अपने ट्रूथ सोशल पर लिखा है, “ईरान कभी भी परमाणु हथियार न बनाने पर सहमत हो गया है!” हालांकि, अमेरिका के द्वारा ईरान को 300 मिलियन डॉलर दिए जाने की बात को ट्रंप ने खारिज कर दिया है.
अमेरिकी प्रेसिडेंट ने ट्रूथ सोशल पर कहा, “ईरान कभी भी परमाणु हथियार न बनाने पर सहमत हो गया है! साथ ही, यह खबर कि अमेरिका ईरान को 300 मिलियन डॉलर दे रहा है, पूरी तरह झूठी है और इसे ‘डमोक्रेट्स’ (Dumocrats) ने फैलाया है!!!”

Iran US Peace Deal: शांति समझौते की प्रमुख बातें
- युद्ध पर पूरी रोक: लेबनान सहित सभी सक्रिय मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तुरंत और स्थायी रूप से समाप्त करना.
- नाकाबंदी हटाना: हस्ताक्षर होने के 30 दिनों के भीतर ईरानी बंदरगाहों से अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी को पूरी तरह हटाना.
- अमेरिकी सेना की वापसी: ईरान के आस-पास के क्षेत्रों से अमेरिकी सैन्य बलों को पीछे हटाने की प्रतिबद्धता.
- आंतरिक मामलों में दखल नहीं: ईरान के संप्रभु आंतरिक मामलों में दखल न देने का अमेरिका का औपचारिक वादा.
- क्षेत्रीय सेना पर नियंत्रण: बातचीत के दौरान मध्य पूर्व (Middle East) क्षेत्र में अतिरिक्त अमेरिकी सैनिकों को तैनात न करने की प्रतिबद्धता.
- होर्मुज जलडमरू: बीते कई दिनों से बाधित होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलना.
- शिपिंग फिर से शुरू करना: स्थानीय “ईरानी व्यवस्था” के तहत 30 दिनों के भीतर महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को फिर से शुरू करना.
- तेल प्रतिबंधों पर रोक: ईरान के रेवेन्यू फ्लो को बहाल करने के लिए तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और संबंधित ऊर्जा निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को हटाना.
- फ्रीज की गई संपत्ति की रिहाई: बातचीत की अवधि के दौरान कुल $24 बिलियन (24 अरब डॉलर) की ईरानी संपत्ति को अनफ्रीज (मुक्त) करना.
- बातचीत से पहले फंड की उपलब्धता: अंतिम बातचीत शुरू होने से पहले ही फ्रीज किए गए फंड का आधा हिस्सा ($12 बिलियन) ईरान को सौंपना.
- परमाणु हथियार न बनाने की शर्तें: परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के तहत ईरान का यह दोहराना कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा या हासिल नहीं करेगा.
- 60 दिनों की समय सीमा: अमेरिकी प्रतिबंधों, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नियमों और IAEA के प्रस्तावों को अंतिम रूप देने के लिए 60 दिनों की सख्त समय सीमा तय करना.
- एजेंडे से बाहर की शर्तें: ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय समूहों के लिए उसके वित्तीय/सामग्री समर्थन को सभी बातचीत के एजेंडे से पूरी तरह बाहर रखना.
क्या थी 300 मिलियन डॉलर देने की बात?
ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते में एक बात यह भी सामने आई थी कि अमेरिका ईरान को आर्थिक पुनर्निर्माण योजना को लेकर 300 मिलियन डॉलर देगा. कई लोगों ने इसे 300 बिलियन डॉलर का भी दावा किया था. बताया गया था कि आर्थिक पुनर्निर्माण योजना को लेकर अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा ईरान के लिए कम से कम 300 मिलियन डॉलर के आर्थिक पुनर्निर्माण का प्रस्ताव पेश हुआ है. अब इस बात पर अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप ने अपनी बात कही है. उन्होंने इसे पूरी तरह से झूठ बताया है.
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News Source: PTI
