World Yoga Day 2026: भारत ने दुनिया को योग की अद्भुत शक्ति दी है. आज दुनिया ने योग की शक्ति, इसके वैज्ञानिक महत्व और शारीरिक-मानसिक लाभ को स्वीकार किया है. पूरी दुनिया में लोगों ने इसे अपना कर अपना जीवन बदला है. इसके पीछे प्रधानमंत्री मोदी का विजन है. उन्होंने विश्व योग दिवस की शुरुआत कर इसे वैश्विक पहचान दिलाई. उनके प्रस्ताव के बाद, यूनाइटेड नेशंस ने दिसंबर, 2014 को 21 जून को विश्व योग दिवस घोषित किया. इसके बाद पहला योग दिवस 21 जून, 2015 को दुनिया भर में मनाया गया. भारत में हर साल योग दिवस पर पूरे देश में खास कार्यक्रम होते हैं. इस साल भी देश के अलग-अलग 12 ऐतिहासिक स्थलों को योग दिवस के कार्यक्रम के लिए चुना गया है, जहां बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक योग करेंगे. इस योग दिवस आप भी योग की शुरुआत करें और अपना लाइफस्टाइल बदलें, लेकिन उससे पहले जानें योगा से जुड़े कुछ फैक्ट्स, जो आपको इसके लिए प्रेरित करेंगी.
क्या है योग?
‘योग’ शब्द संस्कृत के ‘युज्’ से बना है, जिसका मतलब है जोड़ना या मिलन. योग शरीर, मन और आत्मा को एक साथ जोड़ने की एक प्राचीन भारतीय साधना है. माना जाता है कि योग वैदिक काल से है, लेकिन महर्षि पतंजलि ने इसे व्यवस्थित रूप दिया. आसाना भाषा में कहें तो, योग स्वस्थ जीवन जीने की पद्धति है , जिसे हर किसी को अपने जीवन में शामिल करना चाहिए. योगा हमारे जीवन से जुड़े भौतिक, मानसिक और आध्यात्मिक पहलुओं पर काम करता है. यह हमारे शरीर, मन, भावनाओं को संतुलित करने और फोकस बढ़ाने में मदद करता है.

योग की शुरुआत
योग की शुरुआत हजारों साल पहले भारत में हुई थी. माना जाता है कि इसका इतिहास लगभग 5,000 साल या उससे भी पुराना है. ऋषियों ने योग को सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नहीं, बल्कि मानसिक शांति और आध्यात्मिक विकास के लिए विकसित किया था. आज दुनिया भर में लाखों लोग योग करते हैं और इसके फायदे महसूस कर रहे हैं. ज्यादातर लोग योग को सिर्फ आसनों तक ही सीमित मानते हैं, जबकि योग इससे कहीं ज्यादा व्यापक है. इसमें ध्यान, प्राणायाम , नैतिक नियम और मानसिक अनुशासन शामिल हैं. इसीलिए योग को जीवन जीने का एक संपूर्ण तरीका कहा जाता है.
योग के फायदे
अगर आप अपने व्यस्त जीवन में अगर कुछ समय निकालकर योग करते हैं, तो आपको एक नहीं, अनेक फायदे मिलते हैं. योग का एक और बड़ा फायदा बेहतर नींद है. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बहुत से लोग तनाव और एंग्जायटी की वजह से नींद से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं. नियमित योग और ध्यान करने से तनाव कम होता है और नींद अच्छी आती है. योग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने में मदद करता है. नियमित अभ्यास करने से शरीर में लचीलापन बढ़ता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और संतुलन बेहतर होता है. योग से ब्लड प्रेशर, मोटापा और पाचन संबंधी बीमारियों को ठीक करने में मदद मिलती है. मानसिक स्तर पर यह तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है. कई रिसर्च से पता चलता है कि रोजाना योग और ध्यान से याददाश्त, फोकस करने की क्षमता और मानसिक स्पष्टता में सुधार हो सकता है.
योग के नियम
योग की दुनिया में हर आसन का एक खास मकसद होता है. कुछ आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत करते हैं, कुछ पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं और कुछ तनाव कम करने में मदद करते हैं. असल में योग के आसन सिर्फ शरीर को लचीला नहीं बनाते, बल्कि शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने का काम करते हैं. हालांकि, योग का फायदा तभी मिलता है जब इसे सही तरीके से किया जाए. योग करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

सबसे पहली और जरूरी बात यह है कि योग हमेशा खाली पेट या हल्का खाना खाने के कुछ घंटों बाद करना चाहिए. आरामदायक कपड़े पहनने चाहिए ताकि शरीर आसानी से हिल-डुल सके. अभ्यास में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और न ही शरीर पर बहुत ज्यादा जोर डालना चाहिए. हर आसन को धीरे-धीरे और सही तरीके से करना बेहतर होता है. गंभीर बीमारी या शारीरिक तकलीफ वाले लोगों को योग शुरू करने से पहले किसी एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए.
बच्चों से लेकर बुजुर्गों के लिए आसन
योग की एक खास बात यह है कि यह किसी खास उम्र के लोगों तक सीमित नहीं है. बच्चे हों या बुजुर्ग, हर कोई अपनी क्षमता और जरूरत के हिसाब से योग कर सकता है.
बच्चों के लिए ताड़ासन (माउंटेन पोज), वृक्षासन (ट्री पोज) और भुजंगासन (कोबरा पोज) जैसे आसन फायदेमंद माने जाते हैं. ये शरीर का संतुलन बेहतर बनाने, लचीलापन बढ़ाने और एकाग्रता में सुधार करने में मदद करते हैं.
युवाओं के लिए सूर्यनमस्कार (सन सैल्यूटेशन), त्रिकोणासन (ट्रायंगल पोज), नावासन (बोट पोज) और वीरभद्रासन (वॉरियर पोज) जैसे आसन बहुत उपयोगी हैं. ये शरीर को मजबूत बनाने, स्टैमिना बढ़ाने और तनाव कम करने में मदद करते हैं.
वहीं, बुजुर्गों के लिए वज्रासन (थंडरबोल्ट पोज), ताड़ासन, शशांकासन (हेयर पोज) और हल्के प्राणायाम बेहतरीन विकल्प माने जाते हैं. ये जोड़ों की मूवमेंट बनाए रखने, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करने और मानसिक शांति देने में मदद कर सकते हैं.
गर्भवती महिलाओं के लिए भी योग के खास आसन मौजूद हैं, हालांकि इन्हें हमेशा किसी ट्रेंड एक्सपर्ट की देखरेख में ही करना चाहिए.
योग में सांस लेने की प्रक्रिया का खास महत्व है. कई एक्सपर्ट प्राणायाम यानी सांस पर नियंत्रण के अभ्यास को योग का सबसे असरदार हिस्सा मानते हैं. सही तरीके से सांस लेने और छोड़ने के अभ्यास से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है, तनाव कम होता है और मन शांत रहता है. अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और कपालभाति जैसे प्राणायाम आज बहुत लोकप्रिय हैं.
योग की शुरुआत करने वालों के लिए टिप्स
किसी भी नई प्रैक्टिस को शुरू करना आसान होता है, लेकिन उसे लगातार करना मुश्किल लगता है. अक्सर लोग योग की शुरुआत करते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में छोड़ देते हैं. उन्हें लगता है कि इससे कुछ फायदा नहीं हो रहा, लेकिन योग का असर दिखने में समय लगता है. कुछ लोगों को एक-दो महीने में, जबकि कुछ लोगों को तीन से चार महीने में योग का असर दिखता है. अगर आप योग की शुरुआत करते हैं, तो पहले कुछ दिनों 15 से 20 मिनट ही योगा करें, इसके बाद धीरे-धीरे समय बढ़ाते रहें. मुश्किल आसन के बजाय बेसिक आसनों पर ध्यान दें. योगा के बाद पानी पिएं. योगा के साथ अपने खाने-पीने का भी ध्यान रखें. हेल्दी खाना खाएं.

इस साल की थीम
हरिद्वार में गंगा नदी के किनारे से लेकर हम्पी के पुराने खंडहरों और दिल्ली के लाल किले की ऐतिहासिक जगहों तक, देश भर में 12 मशहूर जगहें भारत के इंटरनेशनल योग दिवस (IDY) 2026 के जश्न का मुख्य आकर्षण होंगी योग दिवस का मुख्य इवेंट 21 जून को कोलकाता में होगा, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे. केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि इस पहल का मकसद भारत की समृद्ध सभ्यता की विरासत और योग के हमेशा से चले आ रहे अभ्यास को एक साझा राष्ट्रीय ढांचे के तहत एक साथ लाना है. जाधव ने कहा कि इन जगहों का चुनाव “स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम को भी पूरा करता है, जो इस विचार पर जोर देता है कि सेहत जिंदगी भर चलने वाली यात्रा है. जाधव ने बताया, “जैसे ये स्मारक सदियों से बने हुए हैं, वैसे ही योग भी ऐसी प्रैक्टिस देता है जो पीढ़ियों तक शारीरिक ताकत, मानसिक मजबूती और हेल्दी एजिंग में मदद करती हैं. “

इन जगहों पर इस साल होगा योग कार्यक्रम
चुनी हुई जगहों में दिल्ली में लाल किला, हरिद्वार में हर की पौड़ी, ओडिशा में कोणार्क सूर्य मंदिर, कर्नाटक में हम्पी ग्रुप ऑफ मॉन्यूमेंट्स, लद्दाख में लेह पैलेस, तमिलनाडु में महाबलीपुरम में शोर मंदिर, उत्तर प्रदेश में सारनाथ, असम में कांचरी किला, हैदराबाद में चारमीनार का इलाका, मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया, बिहार में नालंदा महाविहार और अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट शामिल हैं. हालांकि भूगोल, भाषा और इतिहास से अलग होने के बावजूद, ये जगहें एक कॉमन मकसद से जुड़ी होंगी- योग के जरिए हेल्थ, तालमेल और सबकी भलाई को बढ़ावा देना. जाधव ने कहा, हर जगह भारत की सांस्कृतिक यात्रा का एक अलग चैप्टर दिखाती है.
सारनाथ और नालंदा देश की ज्ञान और सोच-विचार की परंपराओं को दिखाते हैं. कोणार्क सूर्य मंदिर और महाबलीपुरम का शोर मंदिर कलात्मक और आर्किटेक्चरल बेहतरीन होने के हमेशा रहने वाले निशान हैं. हर की पौड़ी और साबरमती रिवरफ्रंट ऐसी जीती-जागती पब्लिक जगहें हैं, जहां आध्यात्मिकता और समुदाय मिलते हैं. लाल किला, चारमीनार, गेटवे ऑफ इंडिया और लेह पैलेस भारत की ऐतिहासिक कहानी में अहम पड़ावों को दिखाते हैं. मंत्री ने कहा, “ऐसा करके, ये 12 ऐतिहासिक जगहें सिर्फ योग इवेंट ही नहीं करेंगी, वे एक ऐसे देश की बड़ी कहानी बताएंगी जो अपनी सभ्यता की जड़ों से ताकत हासिल करते हुए सभी के लिए एक स्वस्थ भविष्य अपना रहा है.”
21 जून क्यों चुना गया
विश्व योग दिवस के लिए 21 जून का दिन चुनने के पीछे खास वजह है. दरअसल, यह दिन उत्तरी गोलार्ध का सबसे लंबा दिन होता है. 21 जून को सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सबसे लंबे समय तक पड़ती हैं, जिससे यह साल का सबसे बड़ा दिन बन जाता है. इस दिन प्रकृति से भरपूर ऊर्जा और प्रकाश मिलता है, इसलिए खासतौर पर 21 जून को विश्व योग दिवस के लिए चुना गया.
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