Share Market: शेयर बाजार में पिछले दो दिनों से ऐसा माहौल देखने को मिला है, जिसने इन्वेस्टर्स के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है. बाजार में आई शानदार तेजी की वजह से इन्वेस्टर्स के प्रोफिट में करीब 18.15 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. दुनियाभर में शांति की आहत और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने भारतीय बाजार को नई एनर्जी से भर दिया है. दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिनों से चल रही वॉर खत्म होने के बाद लोगों का मार्केट पर भरोसा बढ़ा है. इसका सीधा असर दुनियाभर के शेयर बाजारों के साथ इंडियन मार्केट पर भी देखने को मिला.
सेंसेक्स-निफ्टी की उड़ान
पिछले दो ट्रेडिंग सेशन के दौरान बीएसई सेंसेक्स में 2,431 पॉइन्ट से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई. वहीं, एनएसई निफ्टी भी करीब 692 पॉइन्ट की छलांग लगाने में सक्सेसफुल रहा. यानी सोमवार को भी शेयर मार्केट में हरियाली ही रही. हफ्ते के पहले दिन सेंसेक्स 736.38 पॉइन्ट चढ़कर 76,264.33 के लेवल पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 231 अंक की बढ़त के साथ 23,853.90 पर पहुंच गया. ये तेजी दिखाती है कि, इन्वेस्टर्स का भरोसा बाजार में फिर से मजबूत हो रहा है.
जबरदस्त प्रोफिट
बाजार में आई इस तेजी का सबसे बड़ा फायदा इन्वेस्टर्स को हुआ. बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का टोटल मार्केट कैपिटलाइजेशन दो दिनों में बढ़कर 470 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया. इसका मतलब है कि इन्वेस्टर्स के टोटल प्रोफिट में 18.15 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई. ईजी भाषा में कहें तो जिन लोगों ने बाजार में इन्वेस्ट किया हुआ था, उनके पोर्टफोलियो की वैल्यू में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला.
मिडकैप और स्मॉलकैप
सिर्फ बड़ी कंपनियों के शेयर्स ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी शानदार खरीदारी देखने को मिली. बीएसई मिडकैप इंडेक्स करीब 1.66 प्रतिशत उछला. वहीं, स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई. सेंसेक्स की 30 कंपनियों में सबसे ज्यादा लाइमलाइट में रिटेल कंपनी ट्रेंट रही. इसके शेयर 5 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गए. इसके अलावा इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल और मारुति के शेयरों में भी मजबूत बढ़त देखी गई. हालांकि, सभी शेयर्स में तेजी नहीं रही. एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर और अडानी पोर्ट्स जैसे कुछ शेयर्स में हल्की गिरावट देखने को मिली.
मार्केट के हीरो
सेक्टोरल परफॉर्मेंस की बात करें तो रियल एस्टेट सेक्टर सबसे आगे रहा. रियल्टी इंडेक्स में लगभग 4 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली. इसके बाद ऑटो, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, इंडस्ट्रियल्स और सर्विस सेक्टर ने भी अच्छा परफॉर्म किया. दूसरी तरफ हेल्थकेयर, हॉस्पिटल और मेटल सेक्टर थोड़े कमजोर रहे.
कच्चे तेल की कीमत
इंडियन शेयर मार्केट के लिए सबसे बड़ी राहत कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट रही. ब्रेंट क्रूड करीब 5 प्रतिशत गिरकर 82.97 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. वैसे भी, भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इम्पोर्ट करता है, इसलिए तेल की कीमतों में गिरावट देश की इकोनॉमी के लिए पॉजिटिव है. इससे महंगाई पर प्रेशर कम हो सकता है.
आगे बाजार का रुख?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका-ईरान समझौते और तेल की कीमतों में नरमी ने फिलहाल बाजार को मजबूत किया है. ऐसे में अगर हालात ऐसे ही यानी नॉर्मल रहे तो फॉरेन इन्वेस्टर्स की खरीदारी जारी रह सकती है. इससे आने वाले दिनों में भी इंडियन शेयर मार्केट पॉजिटिव रह सकती है. फिलहाल ये कहना गलत नहीं है कि, पिछले दो दिनों की तेजी ने इन्वेस्टर्स को बड़ी राहत दी है.
News Source: PTI
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