Home Latest News & Updates तमिल गीत पर कड़ा रुख: ‘तमिल थाई वज़ुथु’ को दरकिनार करने की कोशिशों को DMK नहीं करेगी बर्दाश्त

तमिल गीत पर कड़ा रुख: ‘तमिल थाई वज़ुथु’ को दरकिनार करने की कोशिशों को DMK नहीं करेगी बर्दाश्त

by Sanjay Kumar Srivastava
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तमिल मंगलाचरण गीत पर कड़ा रुख: 'तमिल थाई वज़ुथु' को दरकिनार करने की कोशिशों को DMK नहीं करेगी बर्दाश्त

Udhayanidhi Stalin: तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता और डीएमके विधायक उदयनिधि स्टालिन ने एक बार फिर सनातन धर्म को लेकर बड़ा बयान दिया है.

Udhayanidhi Stalin: तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता और DMK विधायक उदयनिधि स्टालिन ने एक बार फिर सनातन धर्म को लेकर बड़ा बयान दिया है. विधानसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को बांटने का काम करने वाले सनातन को खत्म कर देना चाहिए. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ने की संभावना है. डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने सितंबर 2023 में की गई अपनी विवादास्पद टिप्पणी को दोहराते हुए मंगलवार को सनातन धर्म को खत्म करने का आह्वान किया और दावा किया कि यह लोगों को विभाजित करता है. तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में अपने पहले भाषण में डीएमके नेता ने यह भी कहा कि विपक्ष तमिल मंगलाचरण गीत ‘तमिल थाई वज़ुथु’ को दरकिनार करने के किसी भी प्रयास को अनुमति नहीं देगा.

2023 में भी दे चुके हैं विवादित बयान

2023 में सदन में उनकी इसी तरह की टिप्पणी ने एक बड़ा विवाद पैदा कर दिया था. नेता को अपनी टिप्पणियों पर हिंदू समर्थक संगठनों की आलोचना और अदालती मामलों का सामना करना पड़ा था. उदयनिधि नई सरकार के हालिया शपथ ग्रहण समारोह के संबंध में एक विशिष्ट शिकायत को उजागर कर रहे थे, जिसमें कहा गया था कि राज्य गान को उसकी पारंपरिक प्राथमिकता के बजाय घटनाओं के क्रम में तीसरे स्थान पर धकेल दिया गया था. ऐसी घटना, जो आपकी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान हुई, एक गलती थी और आपको इसे इस विधानसभा में दोबारा होने की अनुमति नहीं देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हम इसकी अनुमति नहीं देंगे. कहा कि न केवल विधानसभा में, बल्कि किसी भी सरकारी कार्यक्रम या तमिलनाडु में आयोजित किसी भी कार्यक्रम में ‘तमिल थाई वज़्थु’ को हमेशा प्राथमिक स्थान दिया जाना चाहिए. मैं इस सरकार से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध करता हूं कि इससे कभी समझौता नहीं किया जाए.

सरकार के कामकाज की निगरानी करेगा विपक्ष

कहा कि हमें अपने अधिकारों और परंपराओं की रक्षा में बहुत सतर्क रहना चाहिए. उन्होंने सदन को 2023 के उस उदाहरण की भी याद दिलाई जहां सत्तारूढ़ सरकार ने राज्यपाल द्वारा प्रोटोकॉल में बदलाव के प्रयासों का विरोध किया था. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विपक्ष पूरी तरह से विरोध के बजाय एक रचनात्मक शक्ति के रूप में कार्य करने का इरादा रखता है. उन्होंने कहा कि पिछले कार्यकालों के विपरीत आज विपक्ष की ताकत सत्ता पक्ष के बराबर है. उन्होंने पहली बार बड़ी संख्या में विधायकों की आमद और महिला विधायकों की बढ़ती उपस्थिति का भी स्वागत किया. उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार के कामकाज की निगरानी करना जारी रखेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी के लिए सब कुछ के सिद्धांत को बरकरार रखा जाए. उदयनिधि ने अध्यक्ष से तटस्थता बनाए रखने और विपक्ष की आवाज को सदन के भीतर लोगों की सच्ची आवाज के रूप में कार्य करने की अनुमति देने का आग्रह किया.

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News Source: PTI

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