UP BSP: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. इसी सिलसिले में बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने 5 नवंबर को लखनऊ में पार्टी पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों की एक अहम बैठक बुलाई है. इस महत्वपूर्ण बैठक का उद्देश्य संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा करना और आगामी चुनावों के लिए ठोस चुनावी रणनीति तैयार करना है. यह बैठक लखनऊ के 12 मॉल एवेन्यू स्थित बसपा के उत्तर प्रदेश राज्य कार्यालय में सुबह 11 बजे से शुरू होगी. इसमें पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के सभी स्तरों के पदाधिकारी और प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिला अध्यक्ष अनिवार्य रूप से हिस्सा लेंगे.
तय होगा आगामी चुनाव का रोडमैप
बैठक में जिला से लेकर बूथ स्तर तक के पदाधिकारियों की सक्रियता बढ़ाने और जमीनी पकड़ मजबूत करने पर विशेष चर्चा होगी. पार्टी की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, मायावती जमीनी स्तर पर पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए पहले दिए गए निर्देशों पर हुई प्रगति की समीक्षा करेंगी. बैठक में पार्टी की चुनावी तैयारियों का आकलन करने, उपयुक्त उम्मीदवारों की पहचान करने और समाज के सभी वर्गों के बीच अपना जनाधार बढ़ाने की रणनीति बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा. उम्मीद है कि मायावती, पिछली बार दिए गए निर्देशों के बाद हुए संगठनात्मक कार्यों और प्रगति रिपोर्ट के आधार पर पार्टी पदाधिकारियों को नए दिशा-निर्देश देंगी.
BJP पर वोटर लिस्ट में हेरफेर करने का आरोप
यह बैठक 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले हो रही है, जिसमें BSP अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और चुनावी मुकाबले के लिए तैयारी करने पर जोर दे रही है. BSP, जो 2007 से 2012 तक राज्य में सत्ता में थी, 2022 के विधानसभा चुनावों में 13 प्रतिशत से अधिक वोट शेयर होने के बावजूद केवल एक सीट पर सिमट गई थी. वहीं, 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी. इस बीच, राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी (SP) ने चुनावों से पहले BJP पर चुनावी धांधली का आरोप लगाया है. समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने BJP पर ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची में हेरफेर करने का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं और फर्जी नाम जोड़े जा रहे हैं.
समाजवादी पार्टी की होगी ऐतिहासिक जीत : धर्मेंद्र यादव
यादव ने कहा कि BJP अपनी करतूतों को छिपाने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता जानती है कि SIR का इस्तेमाल विपक्षी वोटों को हटाने और फर्जी वोट जोड़ने के लिए किया गया है. अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को सबूत सौंपे हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. आरोपों पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को खुद स्वतंत्र रूप से जवाब देना चाहिए, न कि बीजेपी नेताओं को अपनी ओर से बोलने देना चाहिए. राज्य में समाजवादी पार्टी की संभावनाओं पर भरोसा जताते हुए यादव ने आगे कहा कि हमें विश्वास है कि बीजेपी को चुनावी झटके उत्तर प्रदेश से मिलने शुरू होंगे, जहां अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी एक ऐतिहासिक जीत दर्ज करने जा रही है.
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