Agnipath Scheme: भारतीय रक्षा बलों और देश के ‘अग्निवीरों’ के लिए बुधवार (4 नवंबर) का दिन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ है. केंद्रीय कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सभी अग्निवीरों को भारतीय रक्षा बलों में नियमित रूप से शामिल करने का एक नया और स्पष्ट मार्ग तैयार कर दिया है. इस महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव की जानकारी खुद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने दिल्ली में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दी.
जनरल राजा सुब्रमणि के अनुसार, यह कदम न केवल रक्षा बलों में युवाओं के लंबे समय तक बने रहने की इच्छा को पूरा करेगा, बल्कि सैन्य इकाइयों में उनके चार साल के अनुभव और कौशल का पूरा लाभ उठाने में भी मदद करेगा. सरकार का यह संशोधन देश की सुरक्षा तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाने तथा युवाओं को देश सेवा का एक शानदार दीर्घकालिक अवसर प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा रक्षा सुधार माना जा रहा है.
पहले बैच के चार साल पूरे होने पर समीक्षा
जनरल राजा सुब्रमणि ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 14 जून 2022 को महत्वाकांक्षी ‘अग्निपथ’ योजना की शुरुआत की गई थी. योजना के प्रारंभ में ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि अग्निवीरों के प्रदर्शन का निरंतर मूल्यांकन किया जाएगा और समय-समय पर इस पूरी योजना की व्यापक समीक्षा की जाएगी. वर्तमान में, अग्निवीरों का सबसे पहला बैच अपना चार साल का निर्धारित कार्यकाल पूरा करने के बेहद करीब है. इन चार वर्षों के दौरान सेना के तीनों अंगों में किए गए प्रदर्शन मूल्यांकन के आधार पर रक्षा बलों को बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक फीडबैक मिला है.
क्या है योजना के नए और मुख्य प्रावधान?
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने संशोधित योजना के चार मुख्य पहलुओं को रेखांकित किया है.
- 25% अग्निवीरों का नियमित समावेश: योजना के मूल प्रावधान के अनुसार, योग्यता और मेरिट के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सीधे नियमित सैन्य बलों में शामिल कर लिया जाएगा.
- शेष 75% को 2 साल का एक्सटेंशन: पहले के नियम के तहत शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को चार साल बाद एक अनुशासित और प्रेरित युवा के रूप में वापस समाज में लौटना था. लेकिन, अब कैबिनेट द्वारा अपडेट की गई योजना के तहत इन 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा कार्यकाल (एक्स्टेंशन) दिया जाएगा.
- स्थायी नियुक्ति का अवसर: यह दो साल की अतिरिक्त अवधि पूरी होने पर, जो भी अग्निवीर सेना में बने रहने के इच्छुक होंगे, उन्हें एक तय एवं निष्पक्ष चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा.
- पूर्ण समावेशन का मार्ग: इस वस्तुनिष्ठ चयन प्रक्रिया के आधार पर इच्छुक और योग्य अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में स्थायी तौर पर शामिल कर लिया जाएगा.
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