Home Latest News & Updates खेल-खेल में मासूम बच्ची के साथ बड़ा हादसा, सीने में घुसी कैंची को डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर निकाला

खेल-खेल में मासूम बच्ची के साथ बड़ा हादसा, सीने में घुसी कैंची को डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर निकाला

by Nikul Patel 4 November 2026, 1:38 PM IST
4 November 2026, 1:38 PM IST
Scissors chest removed surgery Ahmedabad Civil Hospital

Gujarat News: अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने अपनी सूझबूझ और कुशलता से तीन साल की मासूम बच्ची की जान बचाई है. बच्ची के सीने में खेलते समय गलती से कैंची घुस गई थी. गंभीर हालत में उसे अहमदाबाद सिविल अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन कर सीने में घुसी कैंची को सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया. फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर है और जल्द ही उसे अस्पताल से छुट्टी दिए जाने की संभावना है.

कैंची बच्ची के सीने में घुस गई

जानकारी के मुताबिक, कच्छ में रहने वाले एक मजदूर दंपती की तीन वर्षीय बेटी 29 अक्टूबर को सुबह करीब 11 बजे अपने पांच वर्षीय भाई के साथ खेल रही थी. इसी दौरान अचानक एक कैंची बच्ची के सीने में घुस गई. इस हादसे में बच्ची को गंभीर चोट आई. मेडिकल भाषा में इसे पेनिट्रेटिंग चेस्ट ट्रॉमा कहा जाता है. हादसे के तुरंत बाद परिजन बच्ची को स्थानीय निजी अस्पताल लेकर पहुंचे. प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर करने की जरूरत पड़ी. इसके बाद परिवार गांधीधाम की एक निजी अस्पताल पहुंचा, जहां बच्ची का सीटी स्कैन किया गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 29 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे बच्ची को अहमदाबाद सिविल अस्पताल रेफर किया गया.

ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने कैंची बाहर निकाली

सिविल अस्पताल पहुंचते ही बच्ची को तत्काल सर्जरी के लिए ले जाया गया. पेडियाट्रिक सर्जरी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश जोशी के मार्गदर्शन में ऑपरेशन किया गया. असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. काश्वी और डॉ. मृणालिनी के नेतृत्व में एनेस्थेटिस्ट तथा अन्य चिकित्सकों की टीम ने सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया. डॉक्टरों ने बेहद सावधानी से बच्ची के सीने में घुसी कैंची बाहर निकाल दी. ऑपरेशन के बाद बच्ची की स्थिति स्थिर बताई जा रही है. डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है और जल्द ही उसे अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है.

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हादसा हो सकता था बेहद गंभीर

चिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार, यह हादसा बेहद गंभीर हो सकता था. कैंची यदि एक इंच भी ऊपर या दूसरी तरफ चली जाती तो बच्ची की सांस की नली, फेफड़ों या पसलियों के बीच की जगह को गंभीर नुकसान पहुंच सकता था. इससे अत्यधिक रक्तस्राव होने का खतरा था. डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची की उम्र कम होने के कारण कैंची का दबाव अपेक्षाकृत कम था और वह हड्डी को पार नहीं कर पाई. यदि कैंची हड्डी को पार कर अंदर तक पहुंच जाती तो बड़ी रक्त वाहिकाओं और सांस की नली को गंभीर चोट लग सकती थी. ऐसी स्थिति में बच्ची की जान पर बड़ा खतरा पैदा हो सकता था.

डॉक्टरों ने की विशेष सावधानी बरतने की अपील

सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने इस घटना के बाद अभिभावकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि माता-पिता को लगातार इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि छोटे बच्चे किन वस्तुओं से खेल रहे हैं और उनकी गतिविधियां क्या हैं. पांच साल का बच्चा इस बात को समझने में सक्षम नहीं होता कि कैंची जैसी नुकीली वस्तु से कितनी गंभीर चोट लग सकती है. इसलिए घर में धारदार और खतरनाक वस्तुओं को बच्चों की पहुंच से दूर रखना बेहद जरूरी है. डॉ. जोशी ने यह भी कहा कि यदि किसी बच्चे को अचानक सांस लेने में परेशानी हो या किसी दुर्घटना के कारण गंभीर चोट लगे तो बिना देरी किए चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए. यह घटना अभिभावकों के लिए एक बड़ी सीख है कि छोटे बच्चों को खेलते समय अकेला छोड़ना और उनकी गतिविधियों पर ध्यान नहीं देना कितना जोखिम भरा हो सकता है. वहीं, समय पर रेफरल और अहमदाबाद सिविल अस्पताल के चिकित्सकों की तत्परता ने तीन साल की मासूम को नया जीवन दिया.

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