Home Top News असम में बाढ़ की विभीषिका! अब तक 75 लोगों की मौत; सेना, वायु सेना व NDRF बचाव कार्य में तैनात

असम में बाढ़ की विभीषिका! अब तक 75 लोगों की मौत; सेना, वायु सेना व NDRF बचाव कार्य में तैनात

by Amit Dubey 29 July 2026, 11:06 AM IST (Updated 29 July 2026, 12:30 PM IST)
29 July 2026, 11:06 AM IST (Updated 29 July 2026, 12:30 PM IST)
Assam Flood Death Toll

Assam Flood Death Toll: असम में भारी बारिश और उसके बाद बाढ़ ने लोगों के जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. बीते 48 घंटों में से पहले के 24 घंटे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं थी, लेकिन उसके बाद के 24 घंटें में 7 और लोगों की मौत की खबर है. इसके साथ ही असम में इस वर्ष भारी बारिश और बाढ़ से मरने वाले लोगों की संख्या 75 पहुंच गई है.

मिली जानकारी के अनुसार, अभी भी 3 लाख 32 हजार से अधिक लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं और रेस्क्यू टीमों के द्वारा बचाव के लिए ऑपरेशन जारी है.

असम के ये जिले सबसे अधिक प्रभावित

मिली जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है, क्योंकि पिछले 24 घंटों में सात और लोगों की मौत हुई है. हालांकि, प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 3.32 लाख रह गई है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को दी जाने वाली मुआवजे की राशि बढ़ाकर 9 लाख रुपये प्रति परिवार कर दी है और मुआवजा पाने के नियमों में भी ढील दी है.

अधिकारियों ने बताया कि शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नागांव, सोनितपुर और कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे 21 रेवेन्यू सर्कल और 622 गांव प्रभावित हुए हैं. बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या 3.32 लाख थी, और चराइदेव सबसे ज्यादा प्रभावित जिला था जहां 1.42 लाख लोग प्रभावित हुए. इसके बाद शिवसागर (97,074) और जोरहाट (57,371) का नंबर आता है.

अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को शिवसागर जिले के नाजिरा रेवेन्यू सर्कल में सात लोगों की मौत की सूचना मिली, जिससे इस साल बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 75 हो गई है.

सेना, वायु सेना, NDRF की टीमें तैनात

न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को बाढ़ से छह जिले प्रभावित हुए, जिससे 4.45 लाख लोग प्रभावित हुए. प्रभावित जिलों में कुल 81 राहत कैंप चल रहे थे, जिनमें 32,477 विस्थापित लोगों ने शरण ली है. इसके अलावा, राहत सामग्री बांटने वाले 34 केंद्र भी काम कर रहे थे.

सेना, वायु सेना, NDRF, SDRF, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस और नागरिक स्वयंसेवकों सहित कई एजेंसियां ​​राहत और बचाव कार्य करती रहीं. 45,341.98 हेक्टेयर फसल क्षेत्र जलमग्न हो गया है, जबकि बाढ़ प्रभावित जिलों में घरों, गौशालाओं, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों जैसे विभिन्न बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की खबर है.

अधिकारियों ने बताया कि शिवसागर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मोबाइल फोन कनेक्टिविटी निर्बाध बनाए रखने के लिए इंट्रा-सर्कल रोमिंग (ICR) सुविधा को 30 जुलाई की रात 11:59 बजे तक या अगले आदेश तक बढ़ा दिया गया है. एक अधिकारी ने कहा कि ICR सुविधा जिले में सभी इन-रोमर्स के लिए भी उपलब्ध होगी, जिससे अलग-अलग टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स के सब्सक्राइबर तब भी जुड़े रह सकेंगे, जब उनका अपना नेटवर्क कनेक्ट न हो.

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News Source: PTI

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