Home Top News अब अगला सम्मेलन चीन में : शी जिनपिंग ने ब्रिक्स के सामने रखा पांच-सूत्रीय सहयोग का फॉर्मूला

अब अगला सम्मेलन चीन में : शी जिनपिंग ने ब्रिक्स के सामने रखा पांच-सूत्रीय सहयोग का फॉर्मूला

by Sanjay Kumar Srivastava 13 September 2026, 7:11 PM IST (Updated 24 September 2026, 1:12 PM IST)
13 September 2026, 7:11 PM IST (Updated 24 September 2026, 1:12 PM IST)
अगला सम्मेलन चीन में : शी जिनपिंग ने ब्रिक्स के सामने रखा पांच-सूत्रीय सहयोग का फॉर्मूला

BRICS: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रविवार को कहा कि ब्रिक्स (BRICS) को सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने और एक बड़ा मार्केट बनाने के लिए उभरते बाजारों और ‘ग्लोबल साउथ’ के साथ अपने करीबी रिश्तों का फायदा उठाना चाहिए. उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, व्यापार और टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने के लिए पांच-सूत्रीय पहल का प्रस्ताव भी रखा. ब्रिक्स समिट के समापन सत्र में अपने भाषण में शी ने कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ को अंतरराष्ट्रीय मामलों में कानून के शासन की संयुक्त रूप से रक्षा करनी चाहिए. साथ ही वैश्विक संबंधों के बुनियादी नियमों – जैसे संप्रभु समानता, आंतरिक मामलों में दखल न देना – की सुरक्षा करनी चाहिए. अब अगला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन चीन में होगा.

सभी देश मिलकर बनाएं अंतरराष्ट्रीय नियम

ब्रिक्स दुनिया की लगभग 49.5 प्रतिशत आबादी और 40 प्रतिशत ग्लोबल GDP का प्रतिनिधित्व करने वाली 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है. चीनी राष्ट्रपति ने ब्रिक्स नेताओं से ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए एकजुटता से मजबूती का नया अध्याय लिखने की दिशा में काम करने का आह्वान किया और कहा कि जिसकी लाठी उसकी भैंस (यानी ताकत ही सही है) वाली सोच को बहुत पहले ही छोड़ दिया जाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि बिना नियमों वाली दुनिया वैसी ही है जैसे बिना ट्रैफिक लाइट वाला चौराहा, जहां अफरातफरी और अव्यवस्था तय है. निष्पक्षता और न्याय हर कोई चाहता है, और अंतरराष्ट्रीय नियम सभी देशों को मिलकर बनाने चाहिए.

दुनिया में स्थिरता लाने को ब्रिक्स देश करे पहल

उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करने के लिए काम करना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय नियम सभी पर लागू हों. इस संदर्भ में, शी ने दोहरे मापदंडों को छोड़ने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया. इन बातों को पश्चिमी ताकतों की ओर इशारा माना जा रहा है. शी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात अस्थिर हैं और जोखिमों व चुनौतियों से भरे हुए हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया में स्थिरता लाने और इसे बेहतर जगह बनाने के लिए ब्रिक्स देशों को ऐतिहासिक पहल करनी चाहिए, ग्लोबल साउथ को एकजुट करना चाहिए, अंतरराष्ट्रीय मामलों में एक सक्रिय, स्थिरता लाने वाली और सकारात्मक ताकत बनना चाहिए और पूरी मानवता की भलाई के लिए काम करना चाहिए.

चीन शुरू करेगा BRICS यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम

ब्रिक्स सहयोग को बढ़ाने के लिए शी की पांच-सूत्रीय पहल का फोकस एक समावेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ढांचा बनाने, व्यापार और निवेश को आसान बनाने, डिजिटल उद्योग के संबंधों को मजबूत करने, इंटेलिजेंट मैन्युफैक्चरिंग को आगे बढ़ाने और संयुक्त विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास पहल शुरू करने पर है. उन्होंने कहा कि चीन इंजीनियरों के संयुक्त विकास और योग्यता के स्टैंडर्ड को आपसी मान्यता देने के लिए एक BRICS इंजीनियर ट्रेनिंग अलायंस बनाने का प्रस्ताव रखता है. चीन वैज्ञानिक और तकनीकी इनोवेशन के लिए एक BRICS यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करेगा, ताकि ज़्यादा काबिल टैलेंट तैयार किया जा सके.

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