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योगी के विजन का वैश्विक विस्तार : US के जेन-जी अब UP के प्रोफेसर से सीखेंगे फॉरेंसिक तकनीक

by Rajeev Ojha 13 September 2026, 5:41 PM IST (Updated 13 September 2026, 5:42 PM IST)
13 September 2026, 5:41 PM IST (Updated 13 September 2026, 5:42 PM IST)
CM योगी के विजन का वैश्विक विस्तार : अमेरिका के जेन-जी अब UP के प्रोफेसर से सीखेंगे फॉरेंसिक तकनीक

UP News: उत्तर प्रदेश की फॉरेंसिक और तकनीकी प्रतिभा अब अमेरिका की नई पीढ़ी को तकनीक सिखाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयासों को बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि मिली है. यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कमलेश कुमार दुबे को अमेरिका के प्रतिष्ठित ‘फुलब्राइट स्कॉलर-इन-रेजिडेंस’ के रूप में आमंत्रित किया गया है. यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश की उस बदलती तस्वीर का प्रमाण है, जहां फॉरेंसिक साइंस को आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और वैश्विक अकादमिक सहयोग से जोड़कर नई दिशा दी जा रही है.

‘फुलब्राइट स्कॉलर-इन-रेजिडेंस’ के लिए डॉ. दुबे आमंत्रित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फॉरेंसिक साइंस को मजबूत करने और उत्तर प्रदेश को इस क्षेत्र में विश्व पटल पर स्थापित करने के प्रयासों की दिशा में इसे एक बढ़ते हुए महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है. इससे भारत-अमेरिका के बीच गणित, डेटा एनालिटिक्स और उभरती तकनीकों में शोध सहयोग के नए द्वार खुलेंगे. डॉ. कमलेश कुमार दुबे को वर्ष 2026-27 के लिए अमेरिका के लिविंगस्टोन कॉलेज, सैलिसबरी, नॉर्थ कैरोलिना में ‘फुलब्राइट स्कॉलर-इन-रेजिडेंस’ के रूप में आमंत्रित किया गया है. वह वहां दो अकादमिक सेमेस्टर तक (मई 2027) शैक्षणिक एवं अकादमिक गतिविधियों में भाग लेंगे. अमेरिका में डॉ. दुबे गणित के साथ प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, बिजनेस एनालिटिक्स, डिस्क्रिप्टिव एनालिटिक्स और डेटा माइनिंग जैसे आधुनिक विषयों से अमेरिकी जेन जी को रूबरू करवाएंगे.

नए शैक्षणिक एवं शोध सहयोग की संभावनाएं होंगी मजबूत

गणित से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, क्रिप्टोग्राफी, क्वांटम क्रिप्टोग्राफी और ब्लॉकचेन जैसे भविष्य की तकनीकों तक उनकी विशेषज्ञता है. ‘फुलब्राइट’ दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों में शामिल है. डॉ. दुबे का चयन उत्तर प्रदेश की अकादमिक और तकनीकी क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली महत्वपूर्ण मान्यता है. यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि डॉ. कमलेश कुमार दुबे की यात्रा से भारत और अमेरिका के बीच मैथमेटिक्स, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, क्रिप्टोग्राफी और अन्य उभरती तकनीकों के क्षेत्र में नए शैक्षणिक एवं शोध सहयोग की संभावनाएं मजबूत होंगी. गणित को एआई और डेटा की दुनिया से जोड़कर पढ़ाने का उनका अनुभव दोनों देशों के शिक्षकों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के बीच नए अकादमिक संवाद का आधार बन सकता है. डॉ. जीके गोस्वामी स्वयं फुलब्राइट फ्लेक्स अवार्ड फेलो रह चुके हैं.

साइबर सुरक्षा और डिजिटल अपराध पर प्रहार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी और आधुनिक तकनीकी क्षमताओं को संस्थागत रूप से मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. इसी विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस प्रदेश में आधुनिक फॉरेंसिक इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. पारंपरिक अपराधों के साथ-साथ साइबर अपराध, डिजिटल फ्रॉड और डेटा आधारित अपराध लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे में फॉरेंसिक साइंस को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और क्रिप्टोग्राफी जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़ना समय की आवश्यकता बन चुका है.

फॉरेंसिक से साइबर सिक्योरिटी तक बदल रहा सूबे का चेहरा

उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहा यह नया फॉरेंसिक इकोसिस्टम केवल अपराध जांच तक सीमित नहीं है. इसका विस्तार साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल फॉरेंसिक, डेटा एनालिटिक्स और उभरती तकनीकों तक हो रहा है. यूपीएसआईएफएस में प्रदेश के विभिन्न जिलों के अधिकारियों को फॉरेंसिक साइंस की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसका उद्देश्य प्रदेश की जांच व्यवस्था को वैज्ञानिक, तकनीकी और साक्ष्य आधारित बनाना है. इसी व्यापक परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय विस्तार डॉ. दुबे का अमेरिका जाना है. वहां वे न केवल अमेरिकी विद्यार्थियों के साथ अपने ज्ञान और अनुभव को साझा करेंगे, बल्कि उत्तर प्रदेश में विकसित हो रही फॉरेंसिक और तकनीकी क्षमताओं की झलक भी वैश्विक अकादमिक समुदाय के सामने रखेंगे.

40 से अधिक शोध पत्र, 10 पेटेंट और चार पुस्तकें प्रकाशित

डॉ. कमलेश कुमार दुबे की यह उपलब्धि 19 वर्षों से अधिक की अकादमिक यात्रा का परिणाम है. उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर से गणित में पीएचडी तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी एवं एमएससी की उपाधियां प्राप्त की हैं. उन्होंने अब तक 40 से अधिक शोध पत्र, 10 पेटेंट और चार पुस्तकें प्रकाशित की हैं. उनके निर्देशन में छह शोधार्थी पीएचडी पूरी कर चुके हैं.

वैश्विक ज्ञान विनिमय में योगदान देने वाला प्रदेश बना यूपी

डॉ. दुबे का ‘फुलब्राइट स्कॉलर-इन-रेजिडेंस’ के रूप में अमेरिका जाना इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश अब केवल तकनीकी प्रतिभा तैयार करने वाला प्रदेश नहीं, बल्कि वैश्विक ज्ञान-विनिमय में योगदान देने वाला प्रदेश बन रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप फॉरेंसिक साइंस और आधुनिक तकनीक को प्रदेश की ताकत बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदम अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देने लगे हैं.

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