BJP Congress Alliance: सत्ता के सारे समीकरण तोड़ते हुए कांग्रेस और बीजेपी ने हाथ मिला लिया है. इस गजब गठबंधन को अजित पवार गुट का भी साथ मिला है.
7 January, 2025
BJP Congress Alliance: कांग्रेस और बीजेपी भारत की दो धुव्रीय पार्टियां है. इनका साथ में गठबंधन करना कल्पना से भी परे हैं, लेकिन ऐसा हो चुका है. सत्ता के सारे समीकरण तोड़ते हुए कांग्रेस और बीजेपी ने हाथ मिला लिया है. यह सियासी खेला महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के लिए किया गया है. अंबरनाथ नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस और भाजपा ने गठबंधन का ऐलान किया है. इस गजब गठबंधन को अजित पवार गुट का भी साथ मिला है. दिलचस्प बात यह है कि पूरा खेल शिंदे गुट की शिवसेना को अंबरनाथ में सत्ता से दूर करने के लिए खेला जा रहा है.
कांग्रेस-एनसीपी के सहारें बढीं भाजपा की सीटें
हाल ही में हुए नगर परिषद चुनावों में, शिवसेना ने 23 सीटें, बीजेपी ने 16, कांग्रेस ने 12 और अजीत पवार की एनसीपी ने चार सीटें जीतीं. हालांकि, बीजेपी ने प्रेसिडेंसी हासिल करने के लिए कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन किया. कांग्रेस और एनसीपी के समर्थन से, बीजेपी की सीटों की संख्या बढ़कर 32 हो गई, जो 59 सदस्यों वाली अंबरनाथ नगर परिषद में बहुमत के आंकड़े से ज्यादा है.

नए गठबंधन से शिवसेना नाराज
शिवसेना विधायक बालाजी किणिकर ने बीजेपी-कांग्रेस गठबंधन को अपवित्र और अवसरवादी बताया. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी नगर निकाय में विपक्ष के तौर पर आक्रामक भूमिका निभाएगी. किणिकर ने बीजेपी पर सत्ता के लिए दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “एक तरफ बीजेपी राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस-मुक्त भारत के नारे लगाती है, वहीं दूसरी तरफ अंबरनाथ में सत्ता के लिए उसी कांग्रेस के साथ गठबंधन करने में उसे कोई झिझक नहीं है.” उन्होंने बताया कि बीजेपी और कांग्रेस की विचारधाराएं मौलिक रूप से एक-दूसरे के विपरीत हैं, फिर भी दोनों पार्टियां सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए एक साथ आई हैं.
भाजपा का पलटवार
किणिकर ने कहा कि शिवसेना 27 पार्षदों के साथ नगर परिषद में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने एक अप्राकृतिक गठबंधन बनाकर जनता के जनादेश की अनदेखी की है. वहीं भाजपा पार्षद का कहना है कि यह गठबंधन सिर्फ अंबरनाथ के विकास के हित में किया गया है. उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई भी पार्टी या निर्दलीय पार्षद शिवसेना के साथ जाने को तैयार नहीं है. हमारे फ्रंट को 31 सदस्यों को समर्थन मिला है. हमराा मकसद सिर्फ शहर के विकास पर ध्यान देना है.
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