Dollar VS Rupee: सोमवार की सुबह इंडियन करेंसी के लिए अच्छी शुरू हुई. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने रुपये ने आज छोटी ही सही लेकिन छलांग लगाई है.
23 February, 2026
सोमवार की सुबह भारतीय करेंसी बाजार से एक ऐसी खबर आई जिसने इन्वेस्टर्स के चेहरों पर मुस्कान आ गई. हफ़्ते के पहले ही दिन रुपये ने अपनी ताकत दिखाते हुए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 21 पैसे की शानदार छलांग लगाई है. अब एक डॉलर की कीमत 90.73 रुपये के लेवल पर आ गई है. अब अगर आप सोच रहे हैं कि अचानक ऐसा क्या हुआ कि हमारा रुपया मजबूत होने लगा, तो इसके पीछे इंटरनेशनल पॉलिटिक्स और ग्लोबल मार्केट है.
टैरिफ प्लान
इस पूरी कहानी के सबसे बड़े खिलाड़ी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हैं. दरअसल, ट्रम्प का टैरिफ को 15 प्रतिशत तक बढ़ाने की खबरों ने मार्केट में काफी हलचल मचा दी थी. लेकिन हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के टैरिफ फैसले पर रोक लगा दी है. इसका सीधा असर डॉलर की सेहत पर पड़ा. जैसे ही सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया, डॉलर इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई. वहीं, फॉरेन करेंसी एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब डॉलर कमजोर होता है, तो भारतीय रुपये जैसी ग्रोइंग करेंसीज में सुधार होता है. हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स अनिल कुमार भंसाली का कहना है कि भले ही रुपये ने अच्छी शुरुआत की है, लेकिन बाजार में अभी भी डॉलर खरीदने का माहौल बना हुआ है. इसका मतलब ये है कि दिन चढ़ने के साथ रुपये पर थोड़ा दबाव वापस आ सकता है.
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कच्चे तेल का साथ
रुपये की इस मजबूती में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की गिरती कीमतों ने भी मदद की. ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 1.09 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जिससे ये 70.98 डॉलर प्रति बैरल के लेवल पर आ गया. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए जब तेल सस्ता होता है, तो भारत को कम डॉलर खर्च करने पड़ते हैं और इससे रुपये को मजबूती मिलती है.
शेयर बाजार में रौनक
रुपये की इस तरक्की में सिर्फ विदेशी कारण ही नहीं है, बल्कि इंडियन शेयर मार्केट का भी हाथ रहा. सोमवार की सुबह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 621 अंक चढ़कर 83,436 के लेवल पर पहुंच गया. वहीं निफ्टी ने भी 180 अंकों की बढ़त के साथ 25,751 का आंकड़ा छुआ. इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़े भी काफी बढ़िया हैं. 13 फरवरी को खत्म हुए हफ्ते में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 8.663 अरब डॉलर बढ़कर 725.727 अरब डॉलर के अब तक के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गया है. यानी देश का खजाना लबालब भरा हुआ है.
ग्लोबल मार्केट का हाल
एशियाई बाजारों की बात करें तो वहां भी ट्रम्प के टैरिफ पर कोर्ट के फैसले का असर साफ दिखा. टोक्यो के बाजार छुट्टी की वजह से बंद थे, लेकिन हांगकांग के हैंगसेंग इंडेक्स में 2.2 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी देखी गई. वहीं, ताइवान और दक्षिण कोरिया के बाजारों ने भी बढ़त बनाई. हालांकि, शंघाई और ऑस्ट्रेलिया के बाजारों में थोड़ी सुस्ती नजर आई. खैर, भले ही आज रुपये ने बढ़त बनाई है, लेकिन अमेरिकी इकोनॉमी में बढ़ती महंगाई और स्लो ग्रोथ रेट ने इन्वेस्टर्स को सोच में डाल दिया है. अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व आने वाले टाइम में इंटरेस्ट रेट्स में कटौती करेगा या नहीं, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं.
News Source: Press Trust of India (PTI)
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