Home Top News दिल्ली-NCR में हो सकती है लोगों को परेशानी, आज से तीन दिन की स्ट्राइक पर टैक्सी, कैब और ऑटो

दिल्ली-NCR में हो सकती है लोगों को परेशानी, आज से तीन दिन की स्ट्राइक पर टैक्सी, कैब और ऑटो

by Neha Singh 21 May 2026, 10:26 AM IST (Updated 21 May 2026, 10:51 AM IST)
21 May 2026, 10:26 AM IST (Updated 21 May 2026, 10:51 AM IST)
Transport strike

Delhi NCR Transport Strike: दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों को आज से अगले तीन दिनों के लिए परेशानी हो सकती है. ट्रांसपोर्ट और टैक्सी यूनियनों 21, 22 और 23 मई को चक्काजाम करने का ऐलान किया है. ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC), जो ट्रक ड्राइवरों, प्राइवेट बसों और टैक्सी कैब ऑपरेटरों की सबसे बड़ी संस्था है, जिसने मंगलवार को एक मीटिंग में यह फैसला लिया. 23 मई तक चलने वाली यह हड़ताल दिल्ली सरकार के कमर्शियल गाड़ियों पर एनवायरनमेंट कंपनसेशन सेस बढ़ाने के फैसले के खिलाफ है. इसके अलावा यूनियन की और भी मांगे हैं.

हड़ताल का कारण

यूनियन की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक, यह हड़ताल “कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM), कोर्ट और दिल्ली सरकार द्वारा ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर लगाई गई गलत और अनुचित नीतियों” का विरोध करती है. दिल्ली में कमर्शियल गाड़ी चलाने वालों की यूनियनों ने भी हड़ताल का समर्थन किया है और बढ़ती फ्यूल की कीमतों को देखते हुए टैक्सी और ऑटो किराए में बढ़ोतरी की मांग की है.

चालक शक्ति यूनियन के वाइस प्रेसिडेंट अनुज कुमार राठौर ने कहा कि CNG, पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों की वजह से मिडिल क्लास ड्राइवर अपने परिवार का पेट पालने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “इसलिए, दिल्ली के दूसरे संगठनों के साथ मिलकर ‘चालक शक्ति यूनियन’ ने ‘चक्का जाम’ का आह्वान किया है और 21, 22 और 23 मई को गाड़ियां न चलाने की अपील की है.” यूनियनों की मांग है कि किराया बढ़ाया जाए और एनवायरनमेंट कंपनसेशन सेस में कमी की जाए.

छह ऑटो रिक्शा यूनियनों ने हड़ताल से खुद को अलग किया

ऑटो-रिक्शा यूनियन के नेताओं ने बुधवार को कहा कि दिल्ली-NCR इलाके में 21 मई से शुरू होने वाली तीन दिन की प्रस्तावित हड़ताल से ऑटो-रिक्शा यूनियनों के एक हिस्से ने खुद को अलग कर लिया है. दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ ने कहा कि ऑटो रिक्शा सर्विस नॉर्मल रहेगी, क्योंकि हड़ताल ट्रांसपोर्टरों से जुड़ी है. ऑटो रिक्शा संघ के जनरल सेक्रेटरी राजेंद्र सोनी ने कहा, “माल ढोने वाली गाड़ियों से जुड़े मुद्दे पिछले 15 से 20 दिनों से चल रहे हैं और इनका ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों से कोई लेना-देना नहीं है. ऑटो और टैक्सी सर्विस सभी रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और दूसरी जगहों पर हमेशा की तरह नॉर्मल चलती रहेंगी.”

सोनी ने कहा कि दिल्ली में कुछ यूनियनों ने हड़ताल और रोड ब्लॉकेड का ऐलान किया है. हालांकि, दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन, ऑटो ड्राइवर्स वेलफेयर संघ दिल्ली, प्रगतिशील ऑटोरिक्शा ड्राइवर्स यूनियन और नेशनल कैपिटल रीजन ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट यूनियन समेत पांच दूसरी यूनियनों ने प्रस्तावित हड़ताल और रोड ब्लॉकेड से खुद को अलग कर लिया है. उन्होंने कहा, “यूनियनों ने मांग की है कि दिल्ली सरकार ऑटो और टैक्सी का किराया बढ़ाए. CNG की कीमतों में बढ़ोतरी से ड्राइवरों पर पैसे का बोझ पड़ा है. सरकार दूसरी मांगों को पूरा करने में नाकाम रही है, जिससे ड्राइवरों का शोषण हो रहा है.” सोनी ने कहा कि यूनियनें बस मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिलकर जल्द से जल्द मसलों को सुलझाना चाहती हैं.

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News Source: PTI

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