Rupee Recovers: पश्चिम एशिया में जारी तनाव को एक बार फिर से खत्म होने के संकेत मिले हैं. यह इशारा खुद अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने दी है. मिली जानकारी के अनुसार, ईरान व अमेरिका के बीच संघर्ष को रोकने के लिए बातचीत का दौर आखिरी चरण में प्रवेश कर चुका है. अमेरिका के अलावा ईरान की ओर से भी इसमें सकारात्मक बदलाव देखे जा रहे हैं. इस बीच डॉलर के मुकाबले रुपये में तेजी दिखी है. इसे आप रुपये का ‘RR’ अवतार भी कह सकते हैं. ‘आरआर’ अवतार मतलब कि ‘Rupee Recovers’ अवतार. यह तेजी रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरावट के बाद रिकवरी की है.
जी हां, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ वार्ता के अंतिम चरण में प्रवेश करने के संकेत देने के बाद, गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अपने अब तक के रिकॉर्ड निचले बंद भाव से 41 पैसे बढ़कर 96.45 पर पहुंच गया है.
96.25 पर खुला रुपया
आज गुरुवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार (Interbank Foreign Exchange Market) में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.25 पर खुला, फिर शुरुआती कारोबार में 96.45 तक पहुंच गया, जो बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने रिकॉर्ड निचले स्तर 96.86 से 41 पैसे अधिक है.
बुधवार को रुपया 96.95 के नए निचले स्तर पर पहुंच गया और बाद में 96.86 पर बंद हुआ, जो कि एक नया निचला स्तर भी था. इसकी वजह डॉलर की बढ़ती मांग और डॉलर इंडेक्स का ऊंचा रहना बताया गया. इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतें दिन भर 110 अमेरिकी डॉलर के करीब बनी रहीं.
भू-राजनीतिक तनाव से रुपये पर तेज दबाव – एक्सपर्ट
एक्सपर्ट और सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पबारी ने कहा,”जब तक भू-राजनीतिक तनाव हाई बना रहेगा, रुपये पर तेज दबाव जारी रहने की संभावना है.” उन्होंने आगे कहा कि आरबीआई के उपाय और तरलता सहायता से अस्थायी राहत मिल सकती है और निकट भविष्य में अस्थिरता को नियंत्रित किया जा सकता है.
ट्रंप क्या चाहते हैं?
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच ईरान के खिलाफ युद्ध की भविष्य की दिशा को लेकर फोन कॉल हुई. यह दोनों नेताओं के बीच काफी तनावपूर्ण रही क्योंकि अमेरिका हमलों को फिर से शुरू करने के बजाय एक समझौते के पक्ष में प्रतीत होता है.
वहीं, ट्रंप ने रविवार को कहा कि उन्होंने कतर और यूएई सहित अरब देशों के अनुरोध के बाद मंगलवार को ईरान पर होने वाले हमलों को टाल दिया है. ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि उन्हें लगता है कि समझौता हो सकता है, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह युद्ध फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के मामले में नेतन्याहू “वही करेंगे जो मैं उनसे करवाना चाहता हूं”, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके बीच अच्छे संबंध हैं.
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News Source: PTI
