Delhi Traffic Police: दिल्ली यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गलत दिशा में ड्राइविंग के लिए FIR दर्ज करना अंतिम विकल्प है, न कि सामान्य नीति.
Delhi Traffic Police: दिल्ली यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गलत दिशा में ड्राइविंग के लिए FIR दर्ज करना अंतिम विकल्प है, न कि सामान्य नीति. बुधवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस का प्राथमिक जोर जागरूकता अभियानों और चालान काटने पर रहता है. आपराधिक कार्रवाई केवल अंतिम विकल्प के रूप में उन मामलों में की जाती है, जहां उल्लंघन जानलेवा हो, गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता हो या चालक बार-बार ऐसा अपराध कर रहा हो. एफआईआर दर्ज करने से पहले पुलिस साइनबोर्ड की कमी या अस्पष्ट सड़क संकेतों जैसे कारकों का भी आकलन करती है ताकि वास्तविक गलती और लापरवाही के बीच अंतर किया जा सके. विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) नीरज ठाकुर ने पीटीआई को बताया कि इस कदम का उद्देश्य मामूली या सामान्य उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी में रखे बिना सड़कों पर लापरवाही भरे व्यवहार को रोकना है.
साइनबोर्ड और सड़क संकेतों की भी होगी जांच
ठाकुर ने कहा कि एफआईआर दर्ज करना हमारा पहला कदम नहीं है. हमारा जोर चालान, नोटिस और जन जागरूकता के माध्यम से अनुपालन सुनिश्चित करने पर है. आपराधिक मामले केवल गंभीर मामलों में ही दर्ज किए जाएंगे, जहां उल्लंघन से जान को खतरा हो, कानून की जानबूझकर अवहेलना की गई हो या बार-बार अपराध करने वाले शामिल हों. उन्होंने आगे कहा कि पुलिस प्रवर्तन में विवेक का प्रयोग करेगी, विशेष रूप से जहां अपर्याप्त संकेत या स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव के कारण वास्तविक गलती हुई हो. खतरनाक ड्राइविंग पर अंकुश लगाने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सख्त प्रवर्तन की दिशा में यह बदलाव दिसंबर के अंतिम सप्ताह में शुरू हुआ. यह भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 (तेज गति से ड्राइविंग) और मोटर वाहन अधिनियम के तहत गलत दिशा में ड्राइविंग के लिए हाल ही में दर्ज की गई एफआईआर के बाद आया है. राष्ट्रीय राजधानी में यह पहली बार हुआ है. अब तक कम से कम तीन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं.
जमानती है अपराध
पुलिस ने स्पष्ट किया कि ये अपराध जमानती है और आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया. पहली एफआईआर 3 जनवरी को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर निवासी अमन के खिलाफ हनुमान मंदिर के लाल बत्ती के पास गलत साइड पर तेज गति से गाड़ी चलाने के आरोप में दर्ज की गई थी. पुलिस ने बताया कि मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 और मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया था. आरोपी को गिरफ्तार किया गया और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया. इसके बाद दो और एफआईआर कपासहेरा और वसंत कुंज दक्षिण पुलिस स्टेशनों में अंकित गौर और सनिज कुमार के खिलाफ दर्ज की गई. यातायात पुलिस के आंकड़ों से पता चलता है कि प्रवर्तन में वृद्धि हुई है. चालानों की संख्या 2024 में 1,04,720 से बढ़कर 2025 में 1,44,490 हो गई है, जबकि जारी किए गए नोटिसों की संख्या 2024 में 1,78,448 से घटकर 1,27,395 हो गई है. हालांकि पहले ऐसे उल्लंघनों को जुर्माने और लाइसेंस निलंबन के माध्यम से निपटाया
जाता था.
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