Digital Arrest: देशभर में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले हर दिन बढ़ते ही जा रहे हैं. अब एक मुंबई के एक केस ने हर किसी को हैरान कर दिया है. आप भी जानें पूरा मामला.
29 December, 2025
Digital Arrest: ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले लोग अब नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं. मुंबई की एक 68 साल की महिला हाल ही में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के स्कैम का शिकार हो गईं. इस फ्रॉड में महिला ने 3.71 करोड़ रुपये गंवा दिए. अब मामले में पुलिस ने गुजरात से एक आदमी को गिरफ्तार किया है, जिसने ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा अपने खाते में लिया था.
डिजिटल अरेस्ट का जाल
पुलिस के मुताबिक, साइबर क्राइम खुद को पुलिस या सेंट्रल एजेंसियों के ऑफिसर बताते हैं और विक्टिम को यकीन दिलाते हैं कि वो किसी गंभीर मामले में फंस गया है. फिर वो ऑनलाइन ही एक नकली कोर्ट सुनवाई का नाटक करते हैं. हालांकि, इस नए मामले में तो हद ही हो गई. दरअसल, इस बार एक जालसााज ने खुद को ‘जस्टिस चंद्रचूड़’ बताया. क्रिमिनल वीडियो कॉल पर विक्टिम को लगातार अपनी निगरानी में रखते हैं, जिसे वे ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहते हैं. इसके बाद डरा-धमकाकर उनसे पैसे ऐंठते हैं.
कैसी फंसी महिला
ये घटना इस साल अगस्त से अक्टूबर के बीच हुई. 18 अगस्त को महिला को एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को कोलाबा पुलिस स्टेशन का ऑफिसर बताया. उसने कहा कि महिला का बैंक खाता मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल हो रहा है. आरोपी ने उसे ये मामला किसी से भी शेयर न करने की धमकी दी और कहा कि केस अब CBI को ट्रांसफर किया जा रहा है.
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जस्टिस चंद्रचूड़ के सामने पेशी
खुद को एसके जायसवाल बताने वाले आरोपी ने महिला से उसकी जिंदगी पर 2-3 पन्नों का निबंध भी लिखवाया, ताकि उसे लगे कि इनवेस्टिगेशन असली है. बाद में उसने महिला की बेगुनाही का यकीन दिलाया और जमानत दिलाने का वादा किया. इसके बाद शुरू हुआ असली खेल. क्रिमिनल्स ने महिला की एक वीडियो कॉल के जरिए एक ऐसे शख्स से बात करवाई जिसने खुद को ‘जस्टिस चंद्रचूड़’ बताया. महिला से उसकी सभी इन्वेस्टमेंट डिटेल्स मांगी गईं. डर के मारे महिला ने दो महीनों में कई बैंक खातों में 3.75 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए.
पुलिस जांच
जब महिला को कॉल आने बंद हो गए, तो उसे कुछ गड़बड़ लगी. इसके बाद उसने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. जांच में पता चला कि पैसा कई म्यूल अकाउंट्स यानी अवैध लेनदेन के लिए इस्तेमाल होने वाले खाते में भेजा गया था, जिनमें से एक सूरत का था. मुंबई साइबर पुलिस ने पिछले हफ्ते सूरत से एक आदमी को गिरफ्तार भी किया, जिसने कपड़ा ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर फर्जी करंट अकाउंट खोला था. उसे 1.71 करोड़ रुपये अपने खाते में रखने के बदले 6.40 लाख रुपये का कमीशन मिला था. उसने अपने ग्रुप के 2 मास्टरमाइंड के बारे में जानकारी दी है, जो फिलहाल देश से बाहर हैं. इस केस के बाद और साफ हो चुका है कि ऑनलाइन फ्रॉड के केस कितनी तेज़ी से बढ़ रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने भी सीबीआई को डिजिटल अरेस्ट के मामलों की पूरे देश में एक समान जांच करने का निर्देश दिया है. ऐसे में हर किसी को सावधान रहने की जरूरत है.
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