AAP Satyagraha: गुजरात में बारिश की कमी के बीच अब सूखा घोषित करने की मांग को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने शनिवार से द्वारका जिले के जाम खंभालिया में किसानों के साथ अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू कर दिया है. AAP का कहना है कि राज्य के कई इलाकों में पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसानों की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है और सरकार को तत्काल प्रभावित क्षेत्रों को सूखाग्रस्त घोषित करना चाहिए.
आंदोलन में रखी गईं चार प्रमुख मांगें
इसुदान गढ़वी ने सत्याग्रह शुरू करते हुए सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं. इनमें प्रभावित क्षेत्रों को सूखाग्रस्त घोषित करना, किसानों के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था करना, सौनी योजना के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में पानी छोड़ना और किसानों के बिजली बिल माफ करना शामिल है. इसुदान गढ़वी ने कहा कि आम आदमी पार्टी की ओर से सरकार को 29 अगस्त तक सूखा घोषित करने का अल्टीमेटम दिया गया था. लेकिन तय समय तक सरकार की ओर से सूखा घोषित नहीं किया गया. इसके बाद AAP ने शनिवार से जाम खंभालिया में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू करने का फैसला किया.
पशुपालकों के सामने चारे तथा पानी का संकट
गढ़वी ने कहा कि किसानों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. बारिश की कमी के कारण खेतों में फसल प्रभावित हो रही है और पशुपालकों के सामने चारे तथा पानी का संकट खड़ा हो रहा है. ऐसे में सरकार को कागजी कार्रवाई में समय गंवाने के बजाय तत्काल राहत के कदम उठाने चाहिए. AAP प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि द्वारका, जामनगर, पोरबंदर, कच्छ-सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात के कई हिस्सों में बारिश की स्थिति चिंताजनक है. उनका कहना है कि पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण किसान और पशुपालक परेशान हैं.
हक के लिए एकजुट हों किसानः इसुदान
उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराया जाए और वास्तविक स्थिति के आधार पर सूखा घोषित किया जाए. साथ ही किसानों को राहत देने के लिए चारे की व्यवस्था और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. इसुदान गढ़वी के मुताबिक, सत्याग्रह में बड़ी संख्या में किसान स्वेच्छा से पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आम आदमी पार्टी का आंदोलन नहीं है, बल्कि किसानों के अधिकार और उनके भविष्य की लड़ाई है. गढ़वी ने कहा कि मैं केवल निमित्त हूं, किसान खुद सत्याग्रह करने बैठे हैं. उन्होंने किसानों से एकजुट होकर अपनी मांगों के लिए संघर्ष करने की अपील की.
सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी
AAP ने स्पष्ट किया है कि जब तक किसानों की मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक अनिश्चितकालीन सत्याग्रह जारी रखा जाएगा. पार्टी का उद्देश्य सरकार पर दबाव बनाकर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाना है. सत्याग्रह के जरिए AAP ने राज्य सरकार से मांग की है कि किसानों की मौजूदा स्थिति को गंभीरता से लिया जाए और सूखा घोषित करने, चारा उपलब्ध कराने, सौनी योजना का पानी छोड़ने तथा प्रभावित किसानों के बिजली बिल माफ करने पर तत्काल फैसला किया जाए. गुजरात में किसानों की समस्याओं को लेकर आने वाले दिनों में यह मुद्दा और राजनीतिक रूप से गरमाने के आसार हैं. अब देखना होगा कि सरकार AAP के इस अनिश्चितकालीन सत्याग्रह और किसानों की मांगों पर क्या कदम उठाती है.
गुजरात में दवा के नाम पर बड़ा खेल! नकली दवा के खिलाफ FDA का शिकंजा, 30 से अधिक ठिकानों पर जांच
