Rahul Gandhi: लोकसभा में प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर हुंकार भरी है. उन्होंने इस बार दलितों पर हिंसा का मुद्दा उठाया. कांग्रेस नेता ने कहा कि आज भी समाज में दलित समुदाय का अपमान किया जा रहा है. अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद शुद्धिकरण का मुद्दा भी जबरदस्त तरीके से उठाया. उन्होंने कहा कि खरगे हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और उनके साथ जिस तरह से सलूक हुआ है इस पर एक्शन जरूर होना चाहिए. राहुल ने स्पष्ट शब्दों में प्रधानमंत्री मोदी से कार्रवाई की मांग की है. इसके अलावा राहुल गांधी ने यह भी कहा कि देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है. एक तरफ भारत का संविधान है और दूसरी तरफ BJP और RSS की विचारधारा है. हजारों सालों से इस देश में दलितों पर अत्याचार और हिंसा होती रही है. संविधान ने इसे गैर-कानूनी बना दिया है, फिर भी आज भी स्कूलों में दलित बच्चों से शौचालय साफ करवाए जाते हैं और फर्श पर झाड़ू-पोछा लगवाया जाता है.
कागज के कप दलितों के लिए होते हैं
राहुल गांधी ने कहा कि दलितों को गांव के कुएं से पानी पीने की इजाजत नहीं है. उन्हें अपने निजी कुएं खोदने पड़े क्योंकि उन्हें गांव के साझा कुएं का इस्तेमाल करने से रोका गया था. चाय की दुकानों पर आप दो तरह के कप इस्तेमाल होते देखते हैं. एक दोबारा इस्तेमाल होने वाला कांच का कप जिसे धोया जा सकता है और दूसरा कागज या प्लास्टिक का कप जिसे इस्तेमाल के बाद फेंक दिया जाता है. प्लास्टिक या कागज़ के कप दलितों के लिए होते हैं, जबकि कांच के कप दूसरों के लिए होते हैं. यही भारत की सच्चाई है.
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— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 29, 2026
उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान में हमारे CLP नेता एक मंदिर जाते हैं. कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने पूरा जीवन देश और संविधान को समर्पित कर दिया है. वे हल्द्वानी के रामलीला मैदान में भाषण देने जाते हैं और वहाँ भी शुद्धिकरण की रस्म की जाती है. ऐसा कौन करता है? ये BJP और RSS के लोग हैं. BJP और RSS के सदस्य ही ऐसा करते हैं और यह एक अपराध है. भारत के संविधान के तहत यह एक अपराध है, एक आपराधिक गतिविधि है. ‘शुद्धिकरण’ असल में छुआछूत का ही दूसरा नाम है. छुआछूत को गैर-कानूनी घोषित किया गया था, फिर भी BJP के सदस्य खुलेआम इसे मानते हैं. जब वे यह शुद्धिकरण करते हैं, तो वे असल में यह कह रहे होते हैं कि दलितों को छूना नहीं चाहिए, दलित अशुद्ध हैं और भारतीय संविधान के तहत यह एक अपराध है.
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कोई कार्रवाई नहीं की गई
लोकसभा में प्रतिपक्ष नेता ने यह भी कहा कि ‘शुद्धिकरण’ की रस्म निभाना एक अपराध है. फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है. इसलिए हम मांग करते हैं कि उत्तराखंड में जिन लोगों ने यह शुद्धिकरण की रस्म निभाई, उनके खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए. प्रधानमंत्री का दावा है कि वे हर जाति से जुड़े हैं और पूरे भारत के प्रधानमंत्री हैं. फिर भी उनकी पार्टी के प्रमुख कहते हैं कि शुद्धिकरण सही था. हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री तुरंत इन लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज करने का आदेश दें. राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों की यह जिम्मेदारी है कि वे सुनिश्चित करें कि खड़गे जी को उत्तराखंड में न्याय मिले.
हमारी लड़ाई विचारधारा की लड़ाई
बीजेपी के नए संगठनात्मक ढांचे पर राहुल गांधी ने कहा कि मुझे इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है. मेरे लिए बीजेपी का नया संगठन और पुराना संगठन एक ही है. इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. वे जिसे चाहें उसे ला सकते हैं. इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता. हमारी लड़ाई विचारधारा की लड़ाई है, संविधान को बचाने की लड़ाई है. हमें इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है. उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे का किसी ने भी समर्थन नहीं किया, लेकिन मैंने नहीं किया. कई अन्य लोगों ने भी उनका समर्थन किया. वह ऐसे लोगों की ओर इशारा कर रहे थे जिन्होंने उन्हें लगा कि उनका समर्थन नहीं किया. मैंने इस बारे में खरगे से बात की. यह सिर्फ खरगे का मुद्दा नहीं है. यह भारत के हर दलित व्यक्ति का मुद्दा है. हमने यह मुद्दा यहां उठाया है. लेकिन यह तो बस एक छोटी सी झलक है. अगर हमारे अध्यक्ष के साथ ऐसा किया जा सकता है, तो सोचिए कि स्कूल में चार साल के बच्चे के साथ क्या हो रहा होगा.
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News Source: PTI
