Gujarat News: सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत और देश के नागरिकों के मताधिकार को लेकर गुजरात में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. गुजरात कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने केंद्र की मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में करोड़ों लोगों के मतदान के अधिकार को प्रभावित किया जा रहा है. वहीं, उनके बयान पर गुजरात बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता अनिल पटेल ने पलटवार करते हुए कांग्रेस की सरदार पटेल के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए हैं. अहमदाबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान रणदीप सुरजेवाला ने सरदार वल्लभभाई पटेल को ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के अधिकार का संरक्षक बताया. उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने देश के कोने-कोने में प्रत्येक नागरिक को समान मतदान का अधिकार देने की वकालत की थी. लेकिन आज मोदी सरकार और चुनाव आयोग उसी अधिकार पर हमला कर रहे हैं.
13 करोड़ वोट काट दिए गए
सुरजेवाला ने दावा किया कि देश की करीब 140 करोड़ आबादी को जानकारी दिए बिना और फॉर्म-8 की प्रक्रिया के बिना लगभग 13 करोड़ वोट काट दिए गए हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस आधार पर नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित किया जा रहा है. उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति पैदा की जा रही है, जिसमें सरकार की पसंद के लोगों को ही मतदान का अधिकार मिलने जैसी परिस्थिति बन रही है.
सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस की यह लड़ाई केवल किसी राजनीतिक दल या सत्ता के लिए नहीं, बल्कि देश के संविधान और लोकतंत्र के अस्तित्व को बचाने के लिए है. उन्होंने महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महापुरुषों ने देश के नागरिकों को जो मताधिकार दिया था. उसे सुरक्षित रखना जरूरी है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े हैं. दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘संविधान बचाओ, वोट बचाओ’ रैली का उद्देश्य भी इसी मुद्दे को उठाना है.
बीजेपी का पलटवार, कांग्रेस से पूछे तीखे सवाल
कांग्रेस प्रभारी के बयान पर गुजरात बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता अनिल पटेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल केवल कांग्रेस के नेता नहीं, बल्कि पूरे देश के नेता थे. वे विश्वनेता और अखंड भारत के शिल्पकार थे. अनिल पटेल ने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि पार्टी वास्तव में सरदार पटेल का सम्मान करती है, तो राहुल गांधी और कांग्रेस के किसी भी बड़े नेता ने आज तक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का दौरा क्यों नहीं किया? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरदार पटेल को भारत रत्न देने में इतनी देरी क्यों की गई?
बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरदार पटेल की विचारधारा और राष्ट्रीय एकता की भावना के विपरीत काम करने वालों का समर्थन करती रही है. उन्होंने ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ जैसे नारों का जिक्र करते हुए कांग्रेस की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाए. अनिल पटेल ने दीपावली के त्योहार के दौरान विरोध-प्रदर्शनों और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी कांग्रेस को घेरा. उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से मध्यमवर्गीय परिवारों, व्यापारियों के कारोबार और रोजगार को नुकसान पहुंच सकता है तथा देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है.
मतदान के अधिकार को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी को घेरा
गुजरात में अब यह राजनीतिक बहस दो प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित हो गई है. कांग्रेस जहां मतदाता सूची और नागरिकों के मतदान के अधिकार को लेकर केंद्र सरकार को घेर रही है. वहीं, बीजेपी सरदार पटेल के सम्मान, राष्ट्रीय एकता और कांग्रेस की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठा रही है. फिलहाल दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज है. अब देखना होगा कि मताधिकार और सरदार पटेल की विरासत से जुड़ा यह मुद्दा आने वाले दिनों में गुजरात की राजनीति में कितना प्रभाव डालता है.
