Jan Mahabhiyog: विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ ब्लॉक ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ आयोजित किया. इस कार्यक्रम में कई विपक्षी नेता शामिल हुए. CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के प्रतीकात्मक सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह स्पष्ट है कि दिसंबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने अपनी सरकार के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जो आजीवन कानूनी सुरक्षा दी थी, उसका मकसद देश और भारत के संविधान के खिलाफ उनके द्वारा किए गए आपराधिक कार्यों को छिपाना था. इसलिए, उन्हें तुरंत पद से हटाया जाना चाहिए.
CEC के खिलाफ चले देशद्रोह का मुकदमा
भारत की साठ प्रतिशत से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों और 31 अक्टूबर को नई दिल्ली में इकट्ठा हुए नागरिकों ने यह संकल्प लिया है कि भारत की जनता के साथ किए गए इस गंभीर विश्वासघात के लिए, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भारतीय संविधान के कानूनी ढांचे के अनुसार देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए. मीरा कुमार ने मॉक पार्लियामेंट (नकली संसद) की अध्यक्षता करते हुए अनीता जायसवाल सहित कई लोगों को बोलने का मौका दिया.
केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
जायसवाल ने बताया कि वह कोलकाता से दिल्ली आ गई थीं, जहां उन्हें 2012 में एक पहचान दस्तावेज मिला, तब से वह लगातार अपना वोट डाल रही हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वह एक सिंगल मदर हैं, और उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए पूछा कि वह साबित करे कि वह किस देश की नागरिक हैं. उन्होंने आगे यह सवाल भी उठाया कि अधिकारियों को उनके पहचान दस्तावेज को मानने से इनकार करने का अधिकार किसने दिया. दिल्ली में ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानश कुमार के खिलाफ आयोजित एक प्रतीकात्मक सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए.
गर्माया राजनीतिक माहौल
उन्होंने कहा कि 2014 से सत्ता हासिल करने और उसे बनाए रखने के लिए हर संभव साजिश रची गई है. नेताओं को तोड़ने, राजनीतिक दलों को विभाजित करने और सरकारों को गिराने के बाद, अब वोट भी चुराए जा रहे हैं. खरगे ने आरोप लगाया कि ‘मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023’ चुनाव आयुक्तों को जीवन भर के लिए एक सुरक्षा कवच प्रदान करता है. उन्होंने कहा कि यह कानून दिसंबर 2023 में विपक्ष के 145 सांसदों के निलंबन के बाद पारित किया गया था. खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के सीधे निर्देशों के तहत चुनाव आयोग चला रहे हैं.
निष्पक्ष होकर काम करे चुनाव आयोग
खरगे ने बताया कि सात महीने पहले संसद के दोनों सदनों के 193 विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके पद से हटाने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया था. हालांकि, उनके नोटिसों को खारिज कर दिया गया और उन पर कभी कोई विचार नहीं किया गया. उन्होंने जोर देकर कहा कि आज का यह प्रतीकात्मक कार्यक्रम किसी व्यक्ति के प्रति व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण नहीं है, बल्कि इसे एक संवैधानिक संस्था की गरिमा और निष्पक्षता की रक्षा के लिए आयोजित किया गया है. खरगे ने कहा कि आम जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए, चुनाव आयोग को संविधान की भावना के अनुरूप निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए.
छीने जा रहे कमजोर वर्गों के अधिकार
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि दिल्ली में सत्ता में बैठे लोग कंप्यूटर का इस्तेमाल करके कमजोर वर्गों, महिलाओं और युवाओं के वोट देने के अधिकार को चुपके से छीन न लें. विपक्षी गठबंधन के नेता अपने रुख और मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगाए गए आरोपों को लेकर एकजुट नजर आए. इस कार्यवाही की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की. जन महाभियोग में राहुल गांधी, सोनिया गांधी सहित विपक्ष के कई बड़े नेता मौजूद थे.
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News Source: ANI
