Pregnant Woman Rape: गुजरात के बनासकांठा जिले से हैरान करने वाला मामले सामने है, जिसे सुनकर कोई भी सिर पकड़ लेगा. एक 30 साल की प्रेग्नेंट महिला ने तीन भाइयों और उनके चाचा समेत चार लोगों पर बार-बार रेप करने और उसे अपना धर्म बदलने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है. पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी. उसकी शिकायत के आधार पर, 20 अगस्त को धनेरा पुलिस स्टेशन में अख्तर रजबशाह फकीर, उसके भाइयों आरिफ रजबशाह फकीर और इलियास रजबशाह फकीर और उनके चाचा सलीमशाह जुमाशाह फकीर के खिलाफ केस दर्ज किया गया. इंस्पेक्टर एसडी चौधरी ने कहा, “हमने आगे की जांच शुरू कर दी है. अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है.”
तांत्रित इलाज के बहाने किया दुष्कर्म
FIR के मुताबिक, पांच महीने की गर्भवती महिला के साथ पिछले महीने बार-बार यौन उत्पीड़न और शारीरिक शोषण हुआ. उसने आरोप लगाया कि अख्तर, जो उसके अलग रह रहे पति को जानता था, ने यह दावा करके उसके साथ नजदीकियां बढ़ाईं कि उसके दादा उसकी हेल्थ प्रॉब्लम के लिए “तांत्रिक” इलाज बता सकते हैं. पुलिस ने बताया कि महिला ने सबसे पहले अप्रैल में पालनपुर ईस्ट पुलिस स्टेशन में अख्तर और उसके रिश्तेदारों के खिलाफ यौन शोषण का केस दर्ज कराया था, जिसके बाद अख्तर और दो अन्य को गिरफ्तार किया गया था. उसने आरोप लगाया कि आरोपी के भाइयों, जिनमें आरिफ और इलियास शामिल हैं, जो उस केस में फरार थे, ने उसे जान से मारने और उसकी बेटियों को किडनैप करने की धमकी दी, जिससे उसे समझौते के लिए गुजरात हाई कोर्ट में एक एफिडेविट फाइल करने के लिए मजबूर होना पड़ा.
वीडियो से ब्लैकमेल किया
FIR के मुताबिक, 16 जून को आरोपियों के जेल से रिहा होने के बाद, महिला और अख्तर धनेरा तालुका के पेंगिया गांव चले गए, क्योंकि उसे उम्मीद थी कि चीजें सुधर जाएंगी और वे शांति से रहेंगे. हालांकि, महिला ने आरोप लगाया कि अख्तर गर्भवति होने के बावजूद उसका यौन शोषण करता रहा और उसे पीटता रहा. अख्तर ने उसे फोन कॉल पर दूसरे आदमियों से रिश्ता बनाने के लिए भी दबाव डाला. FIR में कहा गया है कि जब उसने मना किया, तो अख्तर और उसके रिश्तेदारों ने कथित तौर पर उसे ब्लैकमेल करने के लिए चुपके से रिकॉर्ड किए गए प्राइवेट वीडियो का इस्तेमाल किया और इसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी. उसने आरोप लगाया कि तीनों भाइयों और उनके चाचा ने भी बार-बार उसके साथ रेप किया.
जबरन धर्म परिवर्तन करवाया
महिला ने चारों पर धर्म बदलने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है. उसने आरोप लगाया कि एक लोकल मौलवी को ‘निकाह’ करवाने के लिए लाया गया, उसे सेरेमनी के दौरान ड्रिंक में नशीली दवा दी गई और उसका नाम बदलकर ‘फिजा’ कर दिया गया. आरोपियों ने उसकी बेटियों को, जो अपने दादा-दादी के साथ रह रही थीं, लाने और जबरदस्ती उनका धर्म बदलने की भी धमकी दी. FIR में कहा गया है कि 21 जुलाई को, चारों आरोपियों ने कथित तौर पर उसे पीटा और घर से निकाल दिया. उन्होंने महिला और उसके होने वाले बच्चे की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया.
इसके बाद महिला ने एक दुकानदार से मदद मांगी और बाद में 181 महिला हेल्पलाइन पर संपर्क किया. पुलिस ने कहा कि वह आखिरकार अपनी मां की मदद से लखानी चली गई. पुलिस ने कहा कि आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता और गुजरात धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत रेप, आपराधिक धमकी और हमले का मामला दर्ज किया गया है.
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News Source: PTI
