Haryana Congress: हरियाणा कांग्रेस में वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के एक बयान को लेकर कांग्रेस हाईकमान को पत्र लिखा है. शर्मा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मांग की है कि दीपेंद्र हुड्डा को कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी CWC से बाहर किया जाए. उनका आरोप है कि दीपेंद्र हुड्डा द्वारा सज्जन कुमार को लेकर की गई टिप्पणी से सिख समाज की भावनाएं आहत हुई हैं. कुलदीप शर्मा के मुताबिक, दीपेंद्र हुड्डा द्वारा सज्जन कुमार को ‘रोल मॉडल’ बताए जाने को लेकर सिख समाज में नाराजगी है.
उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा में रहने वाले उनके कई परिचितों और दोस्तों ने फोन कर इस बयान पर अपना गुस्सा जाहिर किया है. शर्मा ने कहा कि किसान आंदोलन के बाद सिख समाज के लोगों ने कांग्रेस का समर्थन किया था, लेकिन इस तरह के बयान से एक बार फिर उनके बीच पार्टी को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से कहा कि सिख समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पार्टी को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए.
कुलदीप शर्मा ने उठाया 1984 का मुद्दा
कुलदीप शर्मा ने कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में सिख समाज लंबे समय से न्याय की मांग करता रहा है. ऐसे में किसी ऐसे व्यक्ति को लेकर की गई टिप्पणी, जिसे सिख विरोधी हिंसा से जोड़कर देखा जाता है, समुदाय की भावनाओं को प्रभावित कर सकती है. उन्होंने मांग की कि दीपेंद्र हुड्डा को CWC से हटाकर कांग्रेस को स्पष्ट संदेश देना चाहिए कि पार्टी सिख समाज की भावनाओं और 1984 से जुड़े न्याय के मुद्दे को लेकर गंभीर है.
दीपेंद्र हुड्डा ने दी सफाई, कहा- बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया
विवाद बढ़ने के बाद दीपेंद्र हुड्डा ने अपने बयान पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों से उनके बयान को घुमा-फिराकर लोगों के सामने पेश किया जा रहा है. हुड्डा ने दावा किया कि उनके बयान में एक ऐसा अंग्रेजी शब्द भी जोड़ दिया गया, जिसे उन्होंने कहा ही नहीं था और न ही उनका ऐसा कोई मतलब था. दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि उनकी मंशा सिख समाज के किसी भी भाई की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी. उन्होंने कहा कि अगर उनके बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह खेद प्रकट करते हैं. उन्होंने सिख समाज को देश का गौरवशाली समाज बताते हुए कहा कि देश की आजादी से लेकर सीमाओं की रक्षा तक सिख समाज ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि सिख समाज की कुर्बानियों पर पूरे देश को गर्व है और उनका सिख समाज के साथ परिवार जैसा रिश्ता है.
भगत सिंह और किसान आंदोलन का भी किया जिक्र
अपनी सफाई में दीपेंद्र हुड्डा ने अपने परिवार के इतिहास का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 1908 के ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ आंदोलन के दौरान शहीद-ए-आजम भगत सिंह के चाचा सरदार अजीत सिंह के साथ उनके परदादा चौधरी मातूराम को भी काले पानी की सजा हुई थी. हुड्डा ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान जब पंजाब से किसान भाई आए तो वह सबसे पहले उनके साथ खड़े हुए. उन्होंने कहा कि वह हर संघर्ष में सिख समाज के साथ रहे हैं.
कांग्रेस नेतृत्व के रुख का इंतजार
1984 के मुद्दे पर भी हुड्डा ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि सिख समाज को न्याय मिलना चाहिए और कोई भी दोषी बचना नहीं चाहिए. अब इस पूरे विवाद में एक तरफ कुलदीप शर्मा की ओर से कांग्रेस हाईकमान को लिखे पत्र ने पार्टी के भीतर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ दीपेंद्र हुड्डा की सफाई से विवाद को शांत करने की कोशिश दिखाई दे रही है. ऐसे में देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाता है और क्या पार्टी की ओर से इस विवाद को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है.
