Jagannath Rath Yatra: 149वीं ऐतिहासिक भगवान जगन्नाथ रथयात्रा से पहले अहमदाबाद में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है. इस बार रथयात्रा केवल धार्मिक आस्था का आयोजन नहीं, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी सबसे बड़ी परीक्षा मानी जा रही है. हाल ही में आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े मामलों में हुई कार्रवाई के बाद पुलिस, ATS और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं.
पूरे 16.2 किलोमीटर लंबे रथयात्रा मार्ग को अभेद सुरक्षा कवच में बदल दिया गया है. राज्य पुलिस ने रथयात्रा के लिए करीब 32 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की है. इसके अलावा 15 एसआरपीएफ कंपनियां, पैरामिलिट्री फोर्स, चेतक कमांडो, क्विक रिस्पॉन्स टीम, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और विशेष सुरक्षा इकाइयों को भी अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है.
बॉडी वॉर्न कैमरे से लैस होंगे पुलिसकर्मी
सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य रथयात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है. पूरे रथयात्रा मार्ग पर 3500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी एकीकृत कंट्रोल रूम से की जाएगी. इसके साथ ही 60 ड्रोन कैमरे आसमान से लगातार नजर रखेंगे, जबकि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को 1000 बॉडी वॉर्न कैमरे दिए गए हैं, ताकि हर गतिविधि की रिकॉर्डिंग हो सके. पुलिस ने पूरे रथयात्रा मार्ग को 26 सुरक्षा रेंज, 53 एरिया और 1397 सुरक्षा प्वाइंट में विभाजित किया है. करीब 4500 पुलिसकर्मी लगातार मूविंग पेट्रोलिंग करेंगे, जबकि 12 हजार से अधिक जवान स्टेटिक ड्यूटी पर तैनात रहेंगे. हर प्रमुख चौराहे, संवेदनशील क्षेत्र और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है.
स्क्रीनिंग के बाद ही श्रद्धालुओं को प्रवेश
रथयात्रा मार्ग के सबसे संवेदनशील इलाकों में शामिल दरियापुर तंबू चौकी सहित कई स्थानों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं. यहां पुलिस, एसआरपीएफ और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान लगातार निगरानी कर रहे हैं. ड्रोन सर्विलांस, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और लगातार फुट पेट्रोलिंग के जरिए पूरे इलाके पर कड़ी नजर रखी जा रही है.जगन्नाथ मंदिर परिसर की सुरक्षा भी कई स्तरों पर मजबूत की गई है. मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों पर कड़ी जांच की जा रही है. श्रद्धालुओं की स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है. शस्त्रधारी जवान, पैरामिलिट्री फोर्स और सुरक्षा एजेंसियां मंदिर परिसर के भीतर और बाहर लगातार तैनात हैं. रथयात्रा से पहले पूरे मार्ग पर लगातार फुट पेट्रोलिंग और फ्लैग मार्च किया जा रहा है. हजारों पुलिसकर्मी और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान एक साथ मार्च निकालकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं.
उपमुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी लगातार मैदान में मौजूद रहकर तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं. हाल के दिनों में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आठ आरोपियों की गिरफ्तारी और रथयात्रा से पहले पांच संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने का निर्णय लिया है. इसी वजह से पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त कर दी गई है. उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी पुलिस अधिकारियों के साथ रथयात्रा मार्ग का निरीक्षण किया और फुट पेट्रोलिंग में हिस्सा लिया.
सभी विभागों के बीच बना बेहतर समन्वय
उन्होंने सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि रथयात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है. उन्होंने बताया कि रथयात्रा के दौरान हर गतिविधि पर तकनीक और मानव संसाधनों के जरिए नजर रखी जाएगी. पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस बार की सुरक्षा व्यवस्था पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक आधुनिक तथा व्यापक बनाई गई है. हाईटेक निगरानी प्रणाली, बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती और लगातार मॉनिटरिंग के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि 149वीं ऐतिहासिक भगवान जगन्नाथ रथयात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो.
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