Home Latest News & Updates मध्य प्रदेश के देवास में बारूद के ढेर पर धमाका, 3 मजदूरों की मौत, 25 घायल, CM ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश

मध्य प्रदेश के देवास में बारूद के ढेर पर धमाका, 3 मजदूरों की मौत, 25 घायल, CM ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश

by Nitin Thakur
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मध्य प्रदेश के देवास में बारूद के ढेर पर धमाका, 3 मजदूरों की मौत, 25 घायल, CM ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश

Dewas Explosion: मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंक कलां क्षेत्र में गुरुवार को एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे प्रदेश को दहला दिया. इस हृदयविदारक हादसे में अब तक तीन मजदूरों धीरज, सनी और सुमित की मौत हो गई. विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि शवों के अवशेष घटनास्थल से 20-25 फीट दूर तक जा गिरे.

Dewas Explosion: मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंक कलां क्षेत्र में गुरुवार को एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे प्रदेश को दहला दिया. इस हृदयविदारक हादसे में अब तक तीन मजदूरों धीरज, सनी और सुमित की मौत हो गई. विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि शवों के अवशेष घटनास्थल से 20-25 फीट दूर तक जा गिरे. हादसे में करीब 25 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 13 की हालत गंभीर होने पर उन्हें इंदौर और अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए तुरंत कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि सरकार इस संकट की घड़ी में पीडि़तों के साथ है.

मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की मदद

सीएम ने निर्देश जारी कर अधिकारियों को मौके पर भेजा. मुख्यमंत्री ने जिले के प्रभारी और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, गृह सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल टोंक कलां पहुंचने के निर्देश दिए. राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और सभी घायलों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित करने की घोषणा की है. सीएम ने घटना की निष्पक्ष और गहन जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सुरक्षा नियमों में चूक कहां हुई. बताया जाता है कि केमिकल मिलाते वक्त ब्लास्ट हुआ. स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फैक्ट्री में दो खतरनाक केमिकल्स को मिलाकर बारूद तैयार किया जा रहा था. अनुमान है कि मात्रा का संतुलन बिगडऩे के कारण अचानक भीषण धमाका हो गया.

हादसे के बाद तीन महिलाएं भी लापता

यह हादसा लंच ब्रेक से ठीक 15-20 मिनट पहले हुआ. बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में करीब 500 मजदूर काम करते थे, जिनमें 200 से ज्यादा महिलाएं थीं. हादसे के बाद तीन महिलाएं अब भी लापता बताई जा रही हैं, जिनकी तलाश जारी है. हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी जाहिर की. ग्रामीणों ने कमिश्नर का घेराव करते हुए आरोप लगाया कि यह फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित हो रही थी और पहले भी यहां शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. गौरतलब है कि इसी साल मार्च में भी यहां एक धमाका हुआ था.

फैक्ट्री मालिक हिरासत में

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय को हिरासत में ले लिया है. धमाके के बाद फैक्ट्री परिसर युद्ध के मैदान जैसा नजर आ रहा था. कई झुलसे हुए लोग बदहवास हालत में खुद ही बाहर की ओर भागे. घायलों की स्थिति इतनी भयावह थी कि आग की तपिश के कारण उनके कपड़े और बाल चमड़ी से चिपक गए थे. फैक्ट्री के बाहर अभी भी रह रहकर पटाखों के फूटने की आवाजें आ रही हैं, जिससे बचाव कार्य में भी बाधाएं आ रही थीं. देवास सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने भी घटना पर दुख जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है. वर्तमान में पूरा प्रशासनिक अमला राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है.

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