Mumbai Signboard Order: मुंबई के डिप्टी मेयर संजय घाडी ने सभी दुकानों और होटलों को मराठी में साइनबोर्ड लगाने का आदेश दिया है. इस आदेश का पालन करने के लिए एक महीने की डेडलाइन भी दी गई है, जिसके बाद एक्शन लिया जाएगा.
14 May, 2026
मुंबई के डिप्टी मेयर संजय घाडी ने दुकानों, फाइव-स्टार होटलों और सेलिब्रिटी के आउटलेट समेत सभी बिजनेस करने वालों के लिए नया आदेश जारी किया है. डिप्टी मेयर ने एक महीने के अंदर मराठी में साइनबोर्ड लगाने का निर्देश दिया है और साथ ही चेतावनी दी है कि अगर इस निर्देश का पालन नहीं किया गया तो वे “शिवसेना-स्टाइल” में एक्शन लेंगे. बुधवार को बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) के दुकानों और जगहों के डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ मीटिंग के बाद रिपोर्टरों से बात करते हुए, घाडी ने जोर देकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार देवनागरी लिपि में मराठी साइनबोर्ड जरूरी है.
दुकानों और अधिकारियों पर होगा एक्शन
शिवसेना पार्षद ने कहा कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दुकानें एक महीने के अंदर साफ-साफ दिखने वाले मराठी साइनबोर्ड नहीं लगाती हैं, तो उनके संगठन के कार्यकर्ता पार्टी अध्यक्ष मंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देशों के अनुसार “शिवसेना-स्टाइल” में जवाब देंगे.
डिप्टी मेयर ने कहा कि मुंबई में करीब नौ लाख दुकानें और जगहें हैं, जिनमें से 5,020 ने अभी भी मराठी साइनबोर्ड लगाने के नियम का पालन नहीं किया है. उन्होंने कहा कि सिविक बॉडी ने अब तक 3,114 जगहों के खिलाफ पेनल्टी एक्शन लिया है और 1.91 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है. घड़ी ने कहा, “चाहे वह फाइव-स्टार होटल हो या कोई और जगह, मराठी साइनबोर्ड जरूरी हैं.” उन्होंने कहा कि कम्प्लायंस चेक करने के लिए इंस्पेक्शन किया जाना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि एनफोर्समेंट एक्शन को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों पर भी एक्शन लिया जाएगा.
एक महीने की डेडलाइन
इस मौके पर मौजूद BMC लॉ कमेटी की चेयरपर्सन दीक्षा करकर ने कहा कि एडमिनिस्ट्रेशन को निर्देश दिए गए हैं कि जिन जगहों को अभी तक नोटिस नहीं मिले हैं, उन्हें नोटिस भेजा जाए और एक महीने के अंदर कम्प्लायंस मांगा जाए. करकर ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नए आदेश का पालन न करने वाली जगहों के नाम नोट करें, 15 दिनों के अंदर की गई कार्रवाई पर एक रिपोर्ट जमा करें और एक महीने की डेडलाइन के बाद आगे की कार्रवाई शुरू करें.
मराठी पहचान का मुद्दा
अधिकारियों ने बताया कि इस कदम का मकसद मराठी भाषा की पहचान को बढ़ावा देना और स्थानीय भाषा में साइनबोर्ड लगाने से जुड़े राज्य के पुराने नियम का पालन करना है. बता दें, महाराष्ट्र में भाषा और क्षेत्रीय पहचान का मुद्दा अक्सर चर्चा में रहता है. क्षेत्रीय पार्टियां वहां काम करने और रहने वाले लोगों पर लिए मराठी भाषा बोलने का दबाव डालती हैं.
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News Source: PTI
