Weight Lifting: प्रतियोगिता के तीसरे दिन बुधवार को भारतीय महिला वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया.
Weight Lifting: भारत में आयोजित हो रही एशियन सीनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है. गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर एवं एग्ज़िबिशन सेंटर में 11 मई 2026 से शुरू हुई इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में एशिया के शीर्ष वेटलिफ्टर्स अपनी ताकत और तकनीक का प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रतियोगिता के तीसरे दिन बुधवार को भारतीय महिला वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया.

इस साल भारत में आयोजित यह चैंपियनशिप खेल जगत की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में से एक मानी जा रही है. कुल 28 एशियाई देशों और 2 कॉमनवेल्थ देशों के खिलाड़ी इसमें भाग ले रहे हैं. प्रतियोगिता में 178 अंतरराष्ट्रीय स्तर के एलीट एथलीट हिस्सा ले रहे हैं, जिससे इसका स्तर और प्रतिस्पर्धा दोनों बेहद उच्च हो गए हैं. यह चैंपियनशिप केवल पदकों की दौड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए क्वालीफाइंग इवेंट भी है. इसलिए खिलाड़ियों के लिए यह मंच बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है.
चीन की खिलाड़ी ने जीता गोल्ड
प्रतियोगिता के तीसरे दिन महिलाओं की 53 किलोग्राम वेट कैटेगरी में भारतीय खिलाड़ी ज्ञानेश्वरी यादव ने बेहतरीन प्रदर्शन किया. उन्होंने स्नैच इवेंट में 88 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया. वहीं कुल प्रदर्शन (टोटल लिफ्ट) में 194 किलोग्राम वजन उठाकर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया. ज्ञानेश्वरी का प्रदर्शन तकनीकी रूप से मजबूत और मानसिक रूप से बेहद संतुलित माना गया. अंतरराष्ट्रीय मंच पर दबाव के बीच उनका यह प्रदर्शन भारतीय वेटलिफ्टिंग के बढ़ते स्तर को दर्शाता है. महिलाओं की 53 किलोग्राम श्रेणी में चीन की खिलाड़ी जिनलान झाओ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 216 किलोग्राम लिफ्ट के साथ गोल्ड मेडल जीता. वहीं वियतनाम की होआई हुआंग गुयेन ने कुल 195 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल हासिल किया.
प्रतियोगिता के परिणाम
गोल्ड मेडलः जिनलान झाओ (चीन) – 216 किलोग्राम, सिल्वर मेडलः होआई हुआंग गुयेन (वियतनाम) – 195 किलोग्राम और ब्रॉन्ज मेडलः ज्ञानेश्वरी यादव (भारत) – 194 किलोग्राम. हालांकि स्नैच सेक्शन में ज्ञानेश्वरी यादव ने सिल्वर मेडल जीतकर भारतीय खेमे को शुरुआती बढ़त दिलाई. ज्ञानेश्वरी यादव की यह उपलब्धि भारतीय महिला वेटलिफ्टिंग के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. पिछले कुछ वर्षों में भारतीय महिला खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है. फिटनेस, तकनीक और प्रोफेशनल ट्रेनिंग के कारण भारतीय खिलाड़ी अब एशिया की मजबूत टीमों को कड़ी टक्कर दे रही हैं. युवा खिलाड़ियों की नई पीढ़ी भारतीय वेटलिफ्टिंग को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है.
ज्ञानेश्वरी की जीत खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
ज्ञानेश्वरी यादव की जीत आने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का काम करेगी. गांधीनगर में आयोजित यह चैंपियनशिप पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार आयोजित की जा रही है. आधुनिक सुविधाएं, तकनीकी जजिंग सिस्टम और विश्वस्तरीय आयोजन व्यवस्था ने खिलाड़ियों और अधिकारियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया हासिल की है. आगामी दिनों में अन्य वेट कैटेगरी मुकाबले भी आयोजित होंगे, जहां एशिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी पदकों के लिए मुकाबला करेंगे. अभी तक केवल महिलाओं की 53 किलोग्राम श्रेणी का परिणाम घोषित हुआ है, जबकि बाकी वर्गों के नतीजे जल्द सामने आएंगे.
शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई
भारतीय वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के अध्यक्ष ने ज्ञानेश्वरी यादव को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय टीम के मनोबल को मजबूत करेगी और बाकी खिलाड़ी भी इससे प्रेरणा लेकर बेहतर प्रदर्शन करेंगे. गुजरात की धरती पर आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ी का पदक जीतना देश के खेल इतिहास में एक गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है. ज्ञानेश्वरी यादव की यह सफलता न केवल भारत के लिए सम्मान की बात है बल्कि यह दर्शाती है कि भारतीय महिला खिलाड़ी अब वैश्विक मंच पर मजबूती से अपनी पहचान बना रही हैं.आने वाले मुकाबलों में भारतीय दल से और पदकों की उम्मीद की जा रही है, जिससे देश का प्रदर्शन और भी मजबूत हो सकता है. खेल प्रेमियों की नजरें अब आगामी स्पर्धाओं पर टिकी हुई हैं.
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