Bhojshala : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा भोजशाला को मंदिर घोषित किए जाने के बाद आज पहला शुक्रवार है. पूरे धार जिले में जबरदस्त अंदरूनी उबाल और भारी तनाव का माहौल भी बना हुआ था. इस बीच ऐतिहासिक और संवेदनशील मोड़ पर भोजशाला के ठीक सामने अचानक फूल मालाओं, नारियल और अगरबत्तियों की दुकानें सजाई गईं. श्रद्धालु भारी उत्साह के साथ भारी तादाद में पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं.
छावनी में तब्दील किया गया शहर
वहीं, हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया. करीब 2 हजार जवानों के साथ रैपिड एक्शन फोर्स और स्पेशल टास्क फोर्स समेत 8 विशेष सुरक्षा कंपनियों ने मोर्चे पर तैनात किए गए थे. साथ ही चप्पे-चप्पे पर घुड़सवार पुलिस और खुफिया एजेंसियों को भी तैनात किया गया.
इस्लामिक आयतें हटाने की उठी जबरदस्त मांग
हाईकोर्ट के फैसले के बाद आज दोपहर 1 से 3 बजे के बीच हिंदू समाज एक बड़ा कदम उठाया. भोज उत्सव समिति के बैनर तले आज परिसर में भव्य हवन-पूजन और महाआरती का आयोजन किया गया. समिति के नेताओं का साफ कहना है कि 721 साल बाद यह स्वाभिमान की लड़ाई जीती गई है. इतना ही नहीं केंद्र सरकार को एक गोपनीय प्रतिवेदन भेजकर गर्भगृह में लिखी इस्लामिक आयतों को तुरंत हटाने और ASI सर्वे में मिलीं 94 मूर्तियों को तत्काल स्थापित करने की मांग की भी गई है.
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मुस्लिम पक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
दूसरी तरफ इस अचानक बदले घटनाक्रम और अपनी 700 साल पुरानी परंपरा पर संकट देख मुस्लिम पक्ष में भारी निराशा और आक्रोश है. शहर काजी और सदर अब्दुल समद गुरुवार रात करीब 8.30 बजे आनन-फानन में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और विशेष अनुमति याचिका दाखिल की. हालांकि, टकराव टालने के लिए शुक्रवार की नमाज की घोषणा को अंतिम समय पर टाल दी गई. दूसरी तरफ काजी का कहना है कि जैसे ही देश की सबसे बड़ी अदालत से स्टे मिलेगा, वे अपने हक की लड़ाई दोबारा लड़ेंगे. फिलहाल, सोशल मीडिया पर पुलिस की एक विशेष टीम डिजिटल पहरा दे रही है और कलेक्टर व एसपी ने खुद सड़कों पर फ्लैग मार्च किया.
भक्तों ने मां वाग्देवी पर चढ़ाई चुन्नी
हिंदू समाज के लोग सुबह के समय भोजशाला परिसर गए और यहां पर उन्होंने मंत्रोच्चार के साथ भव्य तरीके से पूजा अर्चना की. इस दौरान भारी संख्या में भक्तजन मंदिर के बाहर में इकट्ठा हो गए. इसके अलावा श्रद्धालुओं ने मां वाग्देवी को चुन्नी ओढ़ाकर पुष्प अर्पित किए. इसके अलावा दोपहर के समय यहां महाआरती का भी आयोजन किया गया और इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु इकट्ठा हो गए.
