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आंध्र की परियोजना पर तेलंगाना का कड़ा रुखः बिना अनुमति पोलावरम को नल्लामाला सागर से जोड़ने का विरोध

by Sanjay Kumar Srivastava
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Polavaram-Nallamala Sagar Project

Polavaram controversy: तेलंगाना सरकार ने गोदावरी नदी पर आंध्र प्रदेश द्वारा प्रस्तावित पोलावरम-नल्लामाला सागर परियोजना का विरोध कर दिया है.

Polavaram controversy: तेलंगाना सरकार ने गोदावरी नदी पर आंध्र प्रदेश द्वारा प्रस्तावित पोलावरम-नल्लामाला सागर परियोजना का विरोध कर दिया है. इस संबंध में तेलंगाना सरकार वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों से राय ले रही है. तेलंगाना सरकार का कहना है कि आंध्र प्रदेश सरकार आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियों के बिना पोलावरम परियोजना को बानाकाचेरला या नल्लामाला सागर से जोड़ रही है. मालूम हो कि पोलावरम सिंचाई परियोजना आंध्र प्रदेश के पश्चिमी गोदावरी जिले में गोदावरी नदी पर स्थित है. यह पोलावरम गांव के पास एक निर्माणाधीन बहुउद्देशीय बांध परियोजना है. इसका उद्देश्य सिंचाई, जल विद्युत और पेयजल आपूर्ति करना है. तेलंगाना के मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि राज्य सरकार पहले ही इस परियोजना के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर चुकी है और तेलंगाना द्वारा दायर याचिका पर 5 जनवरी को सुनवाई होनी है.

5 जनवरी को अहम सुनवाई

इसमें आगे कहा गया है कि मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी और सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी ने रविवार को मुंबई में सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंहवी से मुलाकात कर कानूनी रणनीति पर चर्चा की. रेड्डी ने कानूनी टीम को राज्य की ओर से प्रभावी तर्क प्रस्तुत करने को कहा, जबकि सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मामले के समर्थन में सभी आवश्यक दस्तावेज और सबूत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. तेलंगाना सरकार ने एक याचिका दायर कर आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा कथित तौर पर आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियों के बिना पोलावरम परियोजना को बानाकाचेरला या नल्लामाला सागर से जोड़ने के लिए किए जा रहे विस्तार कार्यों को रोकने के निर्देश देने की मांग की है. याचिका में पोलावरम परियोजना प्राधिकरण को चल रहे कार्यों को तत्काल रोकने का निर्देश देने की भी मांग की गई है. तेलंगाना सरकार द्वारा दायर याचिका पर 5 जनवरी को सुनवाई होनी है.

परियोजना के विस्तार को बताया अवैध

अपनी याचिका में तेलंगाना सरकार ने तर्क दिया कि पोलावरम परियोजना को मूल रूप से स्वीकृत योजना के अनुसार ही लागू किया जाना चाहिए और परियोजना का कोई भी विस्तार अवैध है. याचिका में तेलंगाना की आपत्तियों को ध्यान में रखे बिना केंद्र सरकार द्वारा नल्लामाला सागर परियोजना की पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्टों की समीक्षा पर भी आपत्ति जताई गई है. तेलंगाना ने सर्वोच्च न्यायालय से इस मामले में केंद्रीय जल आयोग, केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय और गोदावरी नदी जल प्रबंधन बोर्ड को स्पष्ट निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है. याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि आंध्र प्रदेश सरकार केंद्रीय जल आयोग के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रही है और ऐसे कार्यों को तत्काल रोकने की मांग की गई है. राज्य सरकार ने अदालत से आंध्र प्रदेश द्वारा शुरू की गई विस्तार परियोजनाओं के लिए पर्यावरण मंजूरी देने पर रोक लगाने और केंद्र सरकार से किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता रोकने का भी आग्रह किया है.

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