Sadhvi Prem Baisa Death : राजस्थान के जोधपुर में एक चर्चित कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध हालत में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इसी बीच उनके आश्रम में आने वाले भक्तों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है.
Sadhvi Prem Baisa Death : राजस्थान की चर्चित 25 वर्षीय कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा (Sadhvi Prem Baisa) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बुधवार को जोधपुर में मौत की छानबीन कर रही पुलिस को कुछ ऐसे तथ्य मिले हैं जिसने केस को पेचीदा बना दिया है. साथ ही कथावाचक की मौत के करीब 4 घंटे बाद उनके ऑफिशियल अकाउंट से एक कथित सुसाइड पोस्ट ने मामले को रहस्मय बना दिया.
मौत के 4 घंटे बाद अकाउंट से हुई पोस्ट
साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु करीब 5:30 बजे हुई थी लेकिन उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से करीब 9:30 बजे एक पोस्ट हुई जिसमें लिखा गया कि उन्हें जीते जी न्याय नहीं मिला, मेरे जाने के बाद तो न्याय मिलेगा. पोस्ट में आगे लिखा कि पूज्य सभी संतों को प्रणाम मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया दुनिया में सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म से नहीं है. आज अंतिमश्वास तक मेरे दिल में सनातन ही है. मेरा सौभाग्य है कि मैंने सनातन धर्म में जन्म लिया और अंतिम श्वास भी सनातन के लिए ली. मेरे जीवन में आदि जगतगुरु शंकराचार्य भगवान, विश्व योग गुरुओं व पूज्य संत महात्माओं का हर पल आशीर्वाद रहा मैंने आदि गुरू शंकराचार्य और देश के कई महान संत महात्माओं को पत्र लिखा, अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा लेकिन ईश्वर और पूज्य संत महात्माओं पर पूर्ण भरोसा है मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा.
क्या है पूरा मामला?
एक धार्मिक उपदेशक की कथित तौर पर अपने आश्रम में बुखार का इलाज कराते समय गिर जाने से मौत हो गई, जिसके बाद भक्तों में आक्रोश फैल गया. इस बीच भक्तों ने उनकी अचानक मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की. वहीं, ACP छवि शर्मा ने बताया कि 25 साल की साध्वी को उनके पिता और एक युवक ने शाम को करीब 6 बजे एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर आए थे. अधिकारी ने बताया कि जांच के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया. उन्होंने आगे कहा कि हमने उनके शव को सरकार हॉस्पिटल में रेफर करने का इंतजाम किया है जहां पर उनका आज पोस्टमार्टम किया जाएगा.
आपको बताते चलें कि शुरुआती जांच से पता चला है कि साध्वी को बुखार आया हुआ था और इंजेक्शन लगाने के लिए आश्रम में एक कंपाउंडर को बुलाया गया था, जिसके बाद मूर्छित होकर जमीन पर गिर गईं. पुलिस ने बताया कि उनका आश्रम में ही इलाज किया जा रहा था और जब उनकी मौत की खबर भक्तों को मिली तो वह भारी संख्या में आश्रम में इकट्ठा हो गए.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
