Tiruppattur Election Results 2026: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे एमके स्टालिन की सरकार में सहकारिता मंत्री केआर पेरियाकरुप्पन को कुल 83,374 वोट मिले थे.
Tiruppattur Election Results 2026: तमिलनाडु की कुल 234 विधानसभा सीटों के लिए 23 अप्रैल को चुनाव हुआ था और इसके नतीजे 4 मई 2026 को आए. तमिलनाडु विधानसभा के 17वें सत्र के सभी 234 सदस्यों के लिए हुए इस इलेक्शन ने प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश को चौंकाने वाले नतीजे दिए. इस चुनाव में प्रदेश के सीएम और डीएमके नेता एमके स्टालिन केवल अपनी सीट ही नहीं हारे बल्कि उनकी पार्टी मात्र 59 सीटों पर ही सिमट कर रह गई. वहीं, एक्टर से नेता बने सी. जोसेफ विजय (Joseph Vijay Chandrasekhar) की पार्टी TVK ने 108 सीटों पर जीत हासिल कर राज्य में सरकार बनाने जा रही है.
इस बीच तमिलनाडु विधानसभा चुनाव ने लोकतंत्र में एक वोट की कीमत को भी समझा दिया है. जी हां, इस चुनाव में सीएम एमके स्टालिन सरकार में सहकारिता मंत्री रहे केआर पेरियाकरुप्पन (KR. PERIAKARUPPAN) को सिर्फ एक वोट से हार का सामना करना पड़ा है. आइए जानते हैं पूरी खबर.
एक वोट से हारे सहकारिता मंत्री पेरियाकरुप्पन
तमिलानाडु में सीएम एमके स्टालिन सरकार में सहकारिता मंत्री रहे केआर पेरियाकरुप्पन को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में मात्र एक वोट से हार देखना पड़ा है. उन्हें एक्टर विजय की पार्टी टीवीके के उम्मीदवार सीनिवास सेतुपति ने शिवगंगा जिले की तिरुपत्तूर विधानसभा सीट पर एक वोट से हरा दिया है. इन दोनों प्रत्याशियों को वोट मिलने की संख्या पर नजर डालें तो केआर पेरियाकरुप्पन को कुल 83,374 वोट मिले थे जबकि उनको हराने वाले सीनिवास सेतुपति को 83,375 वोट मिले.

लोकतंत्र में ढहा 20 वर्षों का ‘अभेद्य किला’
तमिलनाडु के शिवगंगा जिले की तिरुपत्तूर विधानसभा सीट डीएमके का गढ़ मानी जाती रही है. यहां से केआर पेरियाकरुप्पन एक या दो बार नहीं बल्कि लगातार चार बार विधायक चुने गए थे. पेरियाकरुप्पन तिरुपत्तूर विधानसभा सीट से 2006, 2011, 2016 और 2021 में विधायक बने थे. अब एक वोट से मिली हार ने उनके 20 वर्षों के इस ‘अभेद्य किला’ को ध्वस्त कर दिया है. इस सीट से अब TVK के सीनिवास सेतुपति विधायक बन चुके हैं.
कौन हैं केआर पेरियाकरुप्पन?
केआर पेरियाकरुप्पन तमिलनाडु में एमके स्टालिन सरकार में सहकारिता मंत्री रहे हैं. इन्हें डीएमके का वरिष्ठ नेता भी कहा जाता है क्योंकि इन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत ही डीएमके की छात्र यूनिट से की थी. तिरुपत्तूर विधानसभा सीट से ये 2006, 2011, 2016 और 2021 में 4 बार विधायक बने. इनकी शैक्षणिक योग्यता ग्रेजुएशन है.
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