UP Accident: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में रविवार तड़के भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर घायल हो गए. हादसे के बाद सड़क पर जाम लग गया. दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जाम खत्म कराया. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रामपुर ज़िले के टांडा पुलिस स्टेशन इलाके में एक कार के खड़े ट्रक से टकराने से चार लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए.पुलिस के अनुसार, दिल्ली के 12 लोग उत्तराखंड के रामनगर में जिम कॉर्बेट पार्क जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ. हादसे का शिकार हुई कार में सात लोग सवार थे, जबकि हादसे से बचे पांच अन्य लोग दूसरी गाड़ी में थे.
चालक को नींद आने से हुआ हादसा
टांडा पुलिस स्टेशन के SHO संदीप मिश्रा ने PTI को बताया कि मृतकों की पहचान अभिषेक अग्निहोत्री (30), कार्तिक (24), नीरज (24) और गुलबुद्दीन (35) के रूप में हुई है. उन्होंने बताया कि उनमें से तीन (अभिषेक अग्निहोत्री, कार्तिक और नीरज) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गुलबुद्दीन की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. घायलों की पहचान कमल, विशाल और जतिन के तौर पर की गई है. उन्होंने कहा कि मृतक और घायल लोग दिल्ली की एक कंपनी में काम करते थे. पुलिस ने बताया कि तीनों घायलों को ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें इलाज के लिए दिल्ली रेफर कर दिया गया. पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच से ऐसा लगता है कि यह हादसा कार चालक को गाड़ी चलाते समय नींद आ जाने के कारण हुआ. पुलिस ने बताया कि चार शवों और घायलों को बाहर निकालने के लिए गाड़ी को कटर से काटना पड़ा.
दूसरी कार में जाने से बच गए अखिलेश
पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने बताया कि स्वार-टांडा रोड पर हादसा हुआ जिसमें सात लोग घायल हो गए. इनमें से तीन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. ग्रुप में शामिल अखिलेश सिंह ने पुलिस को बताया कि जिस कार का एक्सीडेंट हुआ, उसका टायर दुर्घटना वाली जगह से लगभग एक किलोमीटर पहले ही पंचर हो गया था. ग्रुप ने टायर बदला और अपनी यात्रा जारी रखी. सिंह ने बताया कि इसी दौरान वे उस कार से दूसरी गाड़ी में चले गए थे. सिंह ने आगे बताया कि जब पहली कार पीछे रह गई और नहीं पहुंच पाई, तो उन्होंने अपने साथियों को फ़ोन किया और पता चला कि गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया है.
नेटवर्क इंजीनियर था गुलबुद्दीन
पुलिस ने बताया कि टक्कर की आवाज़ सुनकर स्थानीय लोग वहां पहुंचे और उन्होंने बुरी तरह क्षतिग्रस्त कार से लोगों को बाहर निकाला और CHC ले गए, जहां डॉक्टरों ने अग्निहोत्री, राजपूत और नीरज सिंह को मृत घोषित कर दिया. गुलबुद्दीन हेकमतयार के परिवार ने बताया कि वह शुक्रवार रात करीब 9 बजे घर से निकले थे. हरियाणा के सोनीपत से कंप्यूटर साइंस का कोर्स करने के बाद वह पिछले पांच साल से गुरुग्राम में एक इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनी में नेटवर्क इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे.
गुलबुद्दीन के भाई ने जाने से किया था मना
पीड़ित के 34 वर्षीय भाई सद्दाम हुसैन ने बताया कि उनका परिवार मूल रूप से बिहार के आरा का रहने वाला है और उत्तर-पश्चिम दिल्ली के आज़ादपुर में किराए के मकान में रहता है. उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए घर से निकलने से पहले उनके भाई ने मेट्रो का टिकट खरीदने के लिए उनसे कुछ पैसे मांगे थे. हुसैन ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 6:30 बजे उनके भाई के दोस्त से घटना के बारे में पता चला. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने भाई से छुट्टियों का प्लान रद्द करने के लिए कहा था, क्योंकि मॉनसून के दौरान पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा रहता है.
News Source: PTI
