Lindsey Graham Death : डोनाल्ड ट्रंप के सबसे करीबी और साउथ कैरोलिना के रिपब्लिकन अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का 71 साल की उम्र में निधन हो गया. यह जानकारी खुद उनके ऑफिस ने दी है. इस बयान के मुताबिक, बीते कुछ दिनों से वह बीमार चल रहे थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनके ऑफिस ने एक्स पर लिखा कि 11 जुलाई की शाम को अमेरिकी सीनेटर लिंडसे का बीमारी के कारण निधन हो गया. सीनेटर ग्राहम का परिवार इस समय लोगों की प्रार्थनाओं के लिए आभारी है और इस बेहद मुश्किल दौर में प्राइवेसी बनाए रखने का अनुरोध किया.
500 फीसदी टैरिफ लगाने की दी थी धमकी
सीनेटर लिंडसे ग्राहम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के काफी करीबी थे और वह एक ऐसा बिल लेकर आए थे जिसमें भारत 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रावधान था. ये बिल रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर भारी भरकम टैरिफ लगाने को लेकर था. ये बिल रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने के लिए था और इस पर भारत सरकार का ट्रंप प्रशासन से भी समझौता हो गया. वहीं, इस समझौते के बाद लिंडसे ग्राहम ने कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने शानदार काम किया है. ऐसा लगता है कि यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए ट्रंप का संदेश ही बहुत काम आएगा. उन्होंने यह भी कहा था कि ट्रंप ने कई देशों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अब उन्हें अमेरिका के प्रति सावधान रहना होगा.
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कीव के दौरे पर भी गए थे लिंडसे
सीनेटर लिंडसे बीते दिनों पहले कीव के दौरे पर भी गए थे. इसके बाद ही वह सार्वजनिक रूप से ज्यादा दिखाई नहीं दिए. इस दौरान उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की थी. इसके अलावा लिंडसे ने यह भी कहा था कि रूस और यूक्रेन युद्ध सिर्फ चीन की मध्यस्थता में ही रुक सकता है. साथ ही अगर इस बातचीत में पुतिन को खुद बुलाया जाए तो यह जल्दी खत्म होने के चांस हैं.
ऐसा रहा राजनीतिक करियर
साल 2002 में लिंडसे ग्राहम पहली बार सीनेटर चुने गए थे. इसके बाद वह साल 2008, 2014 और 2020 में भी सांसद चुने गए. 2019 से लेकर 2021 तक वह न्यायपालिका पर सीनेट समिति के अध्यक्ष भी रहे. राजनीति में आने से पहले वह वकालत करते थे और उससे पहले एयरफोर्स में भी अपनी सेवा दे चुके थे.
भारत पर साध रहे थे निशाना
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में लिंडसे ने भारत के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया था. वह लगातार यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत पर निशाना साध रहे थे. साथ ही उन्होंने पिछले साल रूसी तेल खरीदने पर भारत और चीन पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने की कोशिश कर रहे थे. इसी हफ्ते ट्रंप प्रशासन के साथ लिंडसे ग्राहम का समझौता हुआ था और फिर इस बिल में कई संशोधन किए गए थे.
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