Home राज्यपश्चिम बंगाल RG Kar Case: आरजी कर केस का आरोपी इस तरह करेगा अपने पापों का पश्चताप, जेल में मिला ये काम

RG Kar Case: आरजी कर केस का आरोपी इस तरह करेगा अपने पापों का पश्चताप, जेल में मिला ये काम

by Live Times 23 January 2025, 4:19 PM IST (Updated 24 January 2025, 1:36 PM IST)
23 January 2025, 4:19 PM IST (Updated 24 January 2025, 1:36 PM IST)
RG Kar Case: कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में एक महिला डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में दोषी संजय रॉय को सुधार गृह में माली का काम करवा सकते हैं.

RG Kar Case: कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में एक महिला डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में दोषी संजय रॉय को सुधार गृह में माली का काम करवा सकते हैं.

RG Kar Case: कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में एक महिला डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में दोषी संजय रॉय को सुधार गृह में माली के तौर पर काम कर सकता है. इसकी जानकारी एक अधिकारी ने दी है. संजय रॉय प्रेसीडेंसी सुधार गृह में बंद है. अधिकारियों ने बताया कि संजय रॉय को सिलाई, बढाई या एल्यूमिनियम के बर्तनों के निर्माण जैसे काम भी कराए जाएंगा. प्रेसीडेंसी सुधार गृह के अधिकारी ने कहा कि आरोपी को 105 रुपये दैनिक वेतन दिया जाएगा.

दोषी को कितना मिला है वेतन?

प्रेसीडेंसी सुधार गृह के अधिकारी ने बताया कि अकुशल श्रमिक के तौर पर दोषी को 105 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी दी जाती है. आपको बता दें कि कोलकाता की एक अदालत ने सोमवार को संजय रॉय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान बताया कि सुधार गृह में सभी कैदियों से कुछ न कुछ काम करवाया जाता है. वहीं, संजय एक अकुशल व्यक्ति है. हमें उसे ऐसे काम में लगाना है, जिसमें कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है. इसलिए, फिलहाल उसे बागवानी में लगाया जा सकता है. वे एक या दो दिन में काम शुरू कर देगा.

संजय रॉय को मेहनत का काम

अधिकारी ने आगे बताया कि संजय रॉय रसोई में भी काम कर सकता है. अगर वे खाना नहीं बना सकता है तो उसे खाना परोसने और बर्तन साफ करने के लिए कहा जाएगा. काम का आवंटन हर दिन सुबह या सप्ताह की शुरुआत में किया जाता है.
उन्होंने बताया कि प्रेसीडेंसी सुधार गृह में कैदियों की ओर से किए जाने वाले कामों के लिए कुछ कौशल की आवश्यकता होती है और इसलिए आरोपी संजय को प्रशिक्षण की आवश्यकता होगी. उन्होंने आगे बताया कि जैसा कि अन्य लोगों के साथ किया जाता है, सुधार गृह के अधिकारी एक ‘नोटबुक’ रखेंगे, जिसमें उसकी गतिविधियों को दर्ज किया जाएगा.

यह भी पढ़ें: RG Kar केस में संजय रॉय दोषी, फैसले से नाराज पिता; जानें किस न्याय की कर रहे हैं मांग ?

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