Chandra Grahan 2026: इस साल चंद्र ग्रहण और होली का संयोग एक ही दिन है. यहां जानें चंद्र ग्रहण का सूतक काल कब लगेगा और इस समय क्या नहीं करना चाहिए.
27 January, 2026
साल 2026 में कुल चार ग्रहण लगेंगे, जिसमें सबसे पहला है चंद्र ग्रहण जल्द लगने वाला है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण को अशुभ माना जाता है. इस साल चंद्र ग्रहण और होली का संयोग एक ही दिन है. 3 मार्च को होली का त्योहार मनाया जाएगा और इसी दिन चंद्र ग्रहण लगेगा. यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा यानी इसका सूतक काल भारत में माना जाएगा. होली और चंद्र ग्रहण एक ही दिन होने के कारण लोगों को कुछ सावधानियां बरतनी होगी. चलिए जानते हैं ग्रहण का सूतक काल कब से कब तक मान्य होगा.

कब लगेगा चंद्र ग्रहण
भारतीय समय के अनुसार, 3 मार्च को चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. यानी चंद्र ग्रहण 3 घंटे 27 मिनट तक रहेगा. वहीं सूतक काल की बात करें तो सूतक काल चंद्र ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले लग जाता है. इसलिए 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक सूतक काल रहेगा.
सूतक काल में बरते सावधानी
हिंदू मान्यता में सूतक काल को अशुभ माना जाता है, इसलिए इस समय कुछ कामों को करना वर्जित है. सूतक लगने के बाद खाना बनाना, भोजन करना, पूजा पाठ करना और कोई शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है. सूतक लगने से पहले मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं. सूतक के दौरान चाकू का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और यात्रा नहीं करनी चाहिए. इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को चांद नहीं देखना चाहिए और घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. तुलसी के पौधे में दैवी लक्ष्मी का वास होता है, इसलिए इसे भी नहीं छूना चाहिए. इस समय मानसिक और शारीरिक शुद्धता बनाए रखने के लिए लोग मन में भगवान का नाम लेते हैं. हालांकि बच्चों और बुजुर्गो को सूतक नियमों में छुट दी जाती है.

कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण
3 मार्च का चंद्र ग्रहण एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा. इस चंद्र ग्रहण की छाया उत्तर-पूर्वी क्षेत्र, मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर, असम और अरुणाचल प्रदेश में दिखाई देगी.
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