Home Latest News & Updates हेराफेरी रोकने के लिए अनोखा नियम: पटना के महावीर मंदिर में बिना जेब वाले कपड़े पहनकर ही गिन सकेंगे दान

हेराफेरी रोकने के लिए अनोखा नियम: पटना के महावीर मंदिर में बिना जेब वाले कपड़े पहनकर ही गिन सकेंगे दान

by Sanjay Kumar Srivastava 7 July 2026, 2:54 PM IST (Updated 7 July 2026, 3:05 PM IST)
7 July 2026, 2:54 PM IST (Updated 7 July 2026, 3:05 PM IST)
हेराफेरी रोकने के लिए अनोखा नियम: पटना के महावीर मंदिर में बिना जेब वाले कपड़े पहनकर ही गिन सकेंगे भक्तों का दान

Mahavir Mandir: अयोध्या के राम मंदिर में भक्तों के चढ़ावे में कथित हेराफेरी को देखते हुए पटना (बिहार)) के मशहूर महावीर मंदिर में दान की गिनती प्रक्रिया में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. मैनेजिंग कमेटी एक सदस्य ने बताया कि ज़्यादा पारदर्शिता लाने के लिए मंदिर प्रशासन ने यह कदम उठाया है. श्री महावीर मंदिर न्यास समिति के सदस्य सचिव सायन कुणाल ने बताया कि दान की गिनती वाले कमरे में CCTV निगरानी की व्यवस्था की गई है. निगरानी कक्ष में तैनात कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि गिनती की प्रक्रिया के दौरान कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न करे.

बैंक अफसरों की भी रहती है मौजूदगी

उन्होंने PTI को बताया कि अब दान की गिनती वाले कमरे में कुल छह CCTV कैमरे लगे हैं. हर बुधवार और गुरुवार को बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में नकदी को हाथ से छांटा, गिना, पैक और सील किया जाता है. उन्होंने कहा कि मंदिर की नकदी गिनती की SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) में इस काम में लगे लोगों के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य है. उन्हें बिना जेब वाले कपड़े पहनने होते हैं. ये कपड़े मंदिर प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं. कुणाल ने कहा कि देश के एक मंदिर में भक्तों के चढ़ावे की कथित चोरी के बाद दान की गिनती में ज़्यादा पारदर्शिता लाने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय किए गए हैं.

हर साल करीब 6 करोड़ तक का मिलता है दान

उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट कमेटी ने भक्तों के चढ़ावे की हर महीने समीक्षा करने का भी फ़ैसला किया है. इसके लिए खास तौर पर एक CA को नियुक्त किया गया है. ये सभी उपाय यह पक्का करने के लिए किए जा रहे हैं कि कोई गड़बड़ी न हो. अनुमान के मुताबिक, मंदिर को हर साल 4 करोड़ रुपये से 6 करोड़ रुपये तक का दान मिलता है. कुणाल ने बताया कि 2025-26 फाइनेंशियल ईयर के दौरान कुल कलेक्शन 5.93 करोड़ रुपये था. उन्होंने कहा कि तय नियमों के अनुसार, दान पेटियों को मंदिर की मैनेजमेंट कमेटी के सदस्यों और तय सपोर्ट स्टाफ़ की मौजूदगी में खोला जाता है. इसके बाद कैश को एक पारदर्शी काउंटिंग सेंटर में ले जाया जाता है.

चंपारण में बन रहा ‘रामायण मंदिर’

मंदिर ट्रस्ट चंपारण ज़िले के कल्याणपुर ब्लॉक में ‘रामायण मंदिर’ भी बना रहा है, जहां हाल ही में विशाल शिव लिंगम स्थापित किया गया था. दिवंगत आचार्य किशोर कुणाल के बेटे कुणाल ने बताया कि मुख्य मंदिर की ऊंचाई 270 फीट होगी और इस परिसर में अलग-अलग देवी-देवताओं को समर्पित 18 शिखर और 22 मंदिर होंगे. उन्होंने बताया कि तमिलनाडु से आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश होते हुए शिव लिंग को मोतिहारी लाने में 45 दिन का समय लगा.

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News Source: PTI

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