Home Latest News & Updates अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस: गुजरात HC का बड़ा फैसला, 38 दोषियों की फांसी और 11 की उम्रकैद बरकरार

अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस: गुजरात HC का बड़ा फैसला, 38 दोषियों की फांसी और 11 की उम्रकैद बरकरार

by Nikul Patel 7 July 2026, 12:42 PM IST (Updated 7 July 2026, 1:11 PM IST)
7 July 2026, 12:42 PM IST (Updated 7 July 2026, 1:11 PM IST)
Ahmedabad Serial Blast Case

Ahmedabad Serial Blast Case: साल 2008 में अहमदाबाद को दहला देने वाले सिलसिलेवार बम धमाका मामले में गुजरात हाई कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. हाई कोर्ट ने इस बहुचर्चित मामले में लंबी सुनवाई पूरी करने के बाद विशेष ट्रायल कोर्ट के फैसले को पूरी तरह बरकरार रखा है. साथ ही अदालत ने फैसले को चुनौती देने वाली तीनों कानूनी याचिकाओं को खारिज कर दिया है.

हाई कोर्ट के इस निर्णय के बाद 38 दोषियों को सुनाई गई फांसी की सजा और 11 दोषियों को दी गई आजीवन कारावास की सजा बरकरार रहेगी. हाई कोर्ट ने पीड़ितों के पुनर्वास को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं.

31 मार्च 2027 तक मुआवजा देने का आदेश

मिली जानकारी के अनुसार, गुजरात हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि विस्फोट में घायल प्रत्येक व्यक्ति को 1 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए. वहीं, मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए. कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि 31 मार्च 2027 तक सभी पात्र पीड़ितों और मृतकों के परिजनों को मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित किया जाए.

धमाके में 56 लोगों की हुई थी मौत

मालूम हो कि 26 जुलाई 2008 को गुजरात के अहमदाबाद में कुछ ही मिनटों के अंतराल पर सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे. इन धमाकों में 56 लोगों की मौत हुई थी और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और इसे भारत के सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक माना जाता है.

लंबी जांच और सुनवाई के बाद वर्ष 2022 में विशेष अदालत ने 38 दोषियों को फांसी और 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इस फैसले को गुजरात हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी, लेकिन विस्तृत सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने विशेष अदालत के फैसले को पूरी तरह बरकरार रखा है और सभी अपीलों व याचिकाओं को खारिज कर दिया है.

करीब 18 वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को आतंकवाद के खिलाफ न्यायपालिका की सख्त सोच का प्रतीक माना जा रहा है. साथ ही पीड़ित परिवारों को समयबद्ध मुआवजा देने का निर्देश इस फैसले का एक महत्वपूर्ण मानवीय पहलू भी माना जा रहा है.

आतंकवाद को भारत में कोई स्थान नहीं- डिप्टी सीएम हर्ष संघवी

गुजरात हाई कोर्ट के फैसले के बाद राज्य के डिप्टी सीएम सह गृह मंत्री हर्ष संघवी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे देश के सबसे ऐतिहासिक और सख्त फैसलों में से एक बताया है. उन्होंने लिखा, “38 दोषियों को फांसी, 11 को उम्रकैद… कोई रहम नहीं. 26 जुलाई 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में गुजरात हाई कोर्ट ने दोषियों के खिलाफ अधिकतम सजा को बरकरार रखते हुए न्याय सुनिश्चित किया है.”

हर्ष संघवी ने अपने मैसेज में कहा कि “आतंकवाद का भारत में कोई स्थान नहीं है.” उन्होंने Justice Served और Terror Has No Place In India जैसे हैशटैग के साथ फैसले का स्वागत किया.

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