RCB Cricket History : गुजरात टाइटंस (GT) को 5 विकेट से हराने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने इतिहास रच दिया. साथ ही इस टूर्नामेंट में लगातार दो बार खिताब जीतने वाली टीमों में अभी तक चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस शामिल थीं. लेकिन आईपीएल 2026 में दूसरी बार खिताब जीतकर आरसीबी भी उस ग्रुप में शामिल हो गई है. इस लिस्ट में आरसीबी शुरुआत से ही जुड़ी रही है और हैरानी वाली बात यह है कि उसने 18 साल बाद अपना पहला खिताब जीता. आरसीबी में एक समय दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ी थे उसके बाद भी वह ट्रॉफी नहीं जीत पाई थी लेकिन बीते दो सीजन में उसके युवा क्रिकेटर्स ने कमाल कर दिया. इस सीजन के लीग मुकाबले में भी टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और वह 14 में से 9 मुकाबले जीतकर टॉप पर भी बनी रही. साथ ही आरसीबी ने क्वार्टरफाइनल के अलावा फाइनल में भी गुजरात टाइटंस को हराकर इस सीजन के खिताब पर अपना कब्जा जमा लिया. हालांकि, आरसीबी ने बीते 19 सालों में दो बार ही ट्रॉफी जीती है, लेकिन अब सवाल यह है कि वह आईपीएल के इतिहास में कितनी बार फाइनल में पहुंची और उसको किस टीम के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा.
पांच बार फाइनल में पहुंची आरसीबी
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु आईपीएल की सबसे लोकप्रिय टीम में से एक रही है. उसने भले ही 18 साल बाद इस टूर्नामेंट का पहला खिताब जीता हो लेकिन हर एक सीजन में उसकी प्रभावशाली भूमिका रही थी. टीम ने कई बार प्लेऑफ में अपनी जगह बनाई है लेकिन फाइनल में पहुंचने के बाद उसको हार का सामना करना पड़ा. ऐसा नहीं है कि इससे पहले आरसीबी एक बुरी टीम थी, उसके पास दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ी रहे. जैसे कि एबीडी विलियर्स, क्रिस गेल, शेन वाटसन और विराट कोहली. इतनी डिफेंडिंग टीम होने के बाद भी टीम का खिताब पर कब्जा नहीं जमाने को लेकर क्रिकेट प्रेमियों का कहना था कि उसकी किस्मत साथ नहीं देती है. 2016 में आरसीबी फाइनल तक पहुंच गई थी और उसे सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मात्र 6 रनों से हार का सामना करना पड़ा. जब आरसीबी फाइनल में पहुंची थी उस वक्त ऐसा लग रहा था कि टीम इस सीजन में पहली बार अपना खिताब जीत जाएगी.

हालांकि, उस सीजन के फाइनल में डेविड वार्नर की 38 गेंदों में 69 रनों की तूफानी पारी ने सबको हैरान कर दिया और सनराइजर्स हैदराबाद 208 रन बोर्ड पर लगाने में कामयाब रही. इसके बाद बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर उतरी आरसीबी की शुरुआत काफी धुआंधार रही. क्रिस गेल ने मैदान पर उतरते ही चौके-छक्कों की बरसात कर दी और उन्होंने इस मुकाबले में 38 गेंदों में 76 रनों की तूफानी पारी खेली. इसी दौरान विराट कोहली भी उनका साथ दे रहे थे और वह भी 35 गेंदों में 54 रनों की तूफानी पारी खेलकर पवेलियन लौट गए. इस दौरान गेल और कोहली ने टीम को अच्छी शुरुआत दे दी थी. उस वक्त लगने लगा कि बेंगलुरु फाइनल में आसानी से जीत दर्ज कर लेगा. लेकिन इसके बाद कोई भी खिलाड़ी ढंग से पिच पर नहीं टिक पाया और पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. एबी डिविलियर्स 5, एबी डिविलियर्स 11, सचिन बेबी 9 और क्रिस जॉर्डन 3 रन बनाकर आउट हो गए. इस दौरान आरसीबी को फाइनल मैच में 8 रनों से हार का सामना करना पड़ा.
2009 में भी किया था कमाल, फिर भी हारी
आरसीबी का आईपीएल 2009 में भी काफी शानदार रहा था. लेकिन फाइनल में उसको डेक्कन चार्जर्स (DC) से हार का सामना करना पड़ा. इस सीजन में डेक्कन चार्जर्स ने 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 143 रन बोर्ड पर लगा दिए. डीसी की तरफ से एडम गिलक्रिस्ट शून्य पर आउट हो गए. फिर तिरुमलसेट्टी सुमन ने 16, हर्शल गिब्स ने 53, एंड्रयू साइमंड्स ने 33, रोहित शर्मा ने 24, वेणुगोपाल राव जीरो, अज़हर बिलाखिया ने 6 रन बनाए. वहीं, लक्ष्य का पीछे करने के लिए मैदान पर उतरी आरसीबी ने 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 137 रन ही बना पाई और वह फाइनल में 6 रनों से हार गई. इस दौरान टीम की तरफ से जैक्स कैलिस ने 15, मनीष पांडे ने 4, रोलोफ वैन डेर मर्व ने 32, राहुल द्रविड़ ने 9, रॉस टेलर ने 27, विराट कोहली ने 7, मार्क बाउचर ने 5, रॉबिन उथप्पा ने 17, प्रवीण कुमार ने 2, विनय कुमार ने 8 और अनिल कुंबले ने एक रन बनाया. इस सीजन में बेंगलुरु सबसे ताकतवर टीमों में से एक थी इसके बाद भी वह फाइनल में ताश के पत्तों की तरह बिखरती चली गई. टीम में एक भी बल्लेबाज ऐसा नहीं था जिसने अर्धशतकीय पारी भी खेली हो. टीम ने लीग मैचों में शानदार प्रदर्शन किया था इसके बाद भी फाइनल में विरोधी टीम के सामने पूरी तरह टिक नहीं पाई. यह पहली बार था जब आरसीबी फाइनल में पहुंची थी और उसे हार का मुंह देखना पड़ा था.

2011 में CSK ने किया बंटाधार
2009 की तरह आरसीबी ने एक बार फिर 2011 में प्लेऑफ के फाइनल में अपनी जगह बनाई. इस दौरान उसका मुकाबला धोनी की कप्तानी में खेल चेन्नई सुपर किंग्स से था. इससे पहले एमएस धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम 28 साल बाद विश्व कप जीता था, ऐसे में उनका कद काफी बढ़ गया था. 2011 में सीएसके और आरसीबी के बीच फाइनल खेला गया. इस दौरान सीएसके ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. पहली बल्लेबाजी के दौरान मुरली विजय ने 52 गेंदों में 95 रनों की धुआंधार पारी खेली. इसके अलावा माइकल हसी ने 63, माइकल हसी ने 22, ड्वेन ब्रावो ने 6 और सुरेश रैना ने 8 रनों की पारी खेली. इसके बाद टीम का स्कोर 5 विकेट के नुकसान पर 205 रन पर पहुंच गया. वहीं, लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी 8 विकेट के नुकसान पर 147 रन ही बना सकी और फाइनल में 58 रनों से हार का सामना करना पड़ा. वहीं, आरसीबी की तरफ से सौरभ तिवारी ने नाबाद 39 रनों की पारी खेली. इसके बाद खेलने आए बल्लेबाजों में क्रिस गेल जीरो, मयांक अग्रवाल जीरो, सौरभ तिवारी 18, ल्यूक पोमर्सबैक 2, ल्यूक पोमर्सबैक 35, डैनियल विटोरी जीरो, अभिमन्यु मिथुन 11, जहीर खान 21 और जहीर खान 2 रन बनाकर आउट हो गए. इस सीजन में भी लगा रहा था कि आरसीबी फाइनल में जीत जाएगी लेकिन मुरली विजय ने पानी फेर दिया. वहीं, टीम के जिन बल्लेबाजों पर सबसे ज्यादा उम्मीद थी वह कुछ खास नहीं कर पाए और CSK इस मैच में 58 रनों से आरसीबी को हरा दिया.

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फिर 2025 और 2026 में जीता खिताब
2016 के बाद आरसीबी ने एक बार फिर आईपीएल 2025 के फाइनल में जगह बनाने में कामयाब रही. दूसरी तरफ पंजाब किंग्स भी लीग मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में पहुंच गई. तीन बार फाइनल में पहुंचने के बाद आरसीबी को हार का सामना करना पड़ा था और इस बार लग रहा था कि कहीं लीग मैचों में शानदार प्रदर्शन करने वाली टीम इस बार भी फिसड्डी साबित न हो जाए. आईपीएल 2025 की खास बात यह थी कि दोनों ही टीम टूर्नामेंट की शुरुआत से खेल रही हैं और दोनों ने ही एक बार फिर भी खिताब नहीं जीता था. इस टूर्नामेंट में क्रिकेट प्रेमियों का कहना था कि दोनों में से कोई भी जीते हमें खुशी होगी. वहीं, मैच के दौरान आरसीबी की शुरुआत ज्यादा खास नहीं रही और पिल साल्ट 16 रन बनाकर पवेलियन की तरफ लौट गए. उनके साथ खेल रहे विराट कोहली ने 43, मयंक अग्रवार 24, रजत पाटीदार 26, लियम लिविंगस्टन 25, जितेश शर्मा 24, रोमारियो शेफ़र्ड 17, क्रुणाल पंड्या 4 और भुवनेश्वर कुमार एक रन बनाकर आउट हो गए. इस दौरान टीम का स्कोर विकेट के नुकसान पर 190 रनों पर पहुंच गया. वहीं, लक्ष्य का पीछा करने के लिए मैदान पर उतरी पंजाब किंग्स की तरफ से भुवनेश्वर कुमार 24, प्रभसिमरन सिंह 26, जॉश इंग्लिस 39, श्रेयस अय्यर 1, नेहाल वढेरा 15, नेहाल वढेरा 61, मार्कस स्टॉयनिस 6 और अज़मतउल्लाह ओमरज़ाई एक रन बनाकर आउट हो गए. पंजाब किंग्स ने मैच में अंतिम समय तक लड़ाई लड़ी लेकिन वह फाइनल में 6 रनों से हार गई. आरसीबी को पहली बार टूर्नामेंट की ट्रॉफी उठाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और इस दौरान उसके पुराने खिलाड़ी भी मौजूद रहे. बीते 18 सालों से सपना देख रहे विराट कोहली ने भी यह सच होते हुए देखा और टीम के साथ जश्न मनाने के दौरान उनकी आंखों में आंसू आ गए.

वहीं, 2025 के बाद बेंगलुरु ने वह करके दिखा दिया, जो उससे पहले सिर्फ चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस ने करके दिखाया. आरसीबी ने आईपीएल 2025 के बाद 2026 में इस टूर्नामेंट का खिताब जीतने में कामयाब रहे. इस बार आरसीबी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. गुजरात टाइटंस पहले बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर उतरी और उसने 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 155 रन बोर्ड पर लगा दिए. वहीं, आरसीबी ने 18वें ओवर में ही इस लक्ष्य को प्राप्त कर लिया और 5 विकेट से मुकाबला जीत लिया.
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