Home Latest News & Updates सुरक्षा में सड़कों और सुरंगों की भूमिका महत्वपूर्ण, सीमा सड़क संगठन का मुश्किल हालात में देश सेवा का जज्बा

सुरक्षा में सड़कों और सुरंगों की भूमिका महत्वपूर्ण, सीमा सड़क संगठन का मुश्किल हालात में देश सेवा का जज्बा

by Sanjay Kumar Srivastava 16 July 2026, 7:22 PM IST (Updated 16 July 2026, 7:23 PM IST)
16 July 2026, 7:22 PM IST (Updated 16 July 2026, 7:23 PM IST)
तकनीक-आधारित भविष्य की जंग में बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत जरूरी है: राजनाथ

Defence Minister: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि भले ही युद्ध के बदलते स्वरूप से निपटने के लिए सशस्त्र बलों में आधुनिक हथियार और प्लेटफॉर्म शामिल किए जा रहे हैं, लेकिन भविष्य में भी बंदरगाह, सड़कें और सुरंगें जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे अहम भूमिका निभाते रहेंगे. यहां सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा आयोजित ‘स्ट्रैटेजिक इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव’ में उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि हालांकि युद्ध का नतीजा मुख्य रूप से सैन्य ताकत, सटीक हमले की क्षमता और आधुनिक तकनीकों से तय होता है, लेकिन सैन्य अभियानों को संभव बनाने के लिए बुनियादी ढांचा बहुत ज़रूरी है.

BRO की सराहना

सिंह ने कहा कि कभी-कभी युद्ध का पहला मोर्चा सीमा पर नहीं, बल्कि उस सड़क पर होता है जो हमारे सैनिकों को मोर्चे तक ले जाती है. इसलिए, जो व्यक्ति वह सड़क बनाता है, वह भी राष्ट्रीय सुरक्षा का उतना ही महत्वपूर्ण रक्षक है जितना कि सीमा पर तैनात सैनिक. उन्होंने मज़बूत बुनियादी ढांचा बनाने के लिए खास तकनीकों को अपनाने और विश्व-स्तरीय बुनियादी ढांचा बनाने, राष्ट्रीय सुरक्षा को लगातार मज़बूत करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुसार 2047 तक भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने के सरकार के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए BRO की सराहना की. रक्षा मंत्री ने कहा कि भविष्य में तकनीक-आधारित युद्ध में सीमावर्ती बुनियादी ढांचा बहुत ज़रूरी बना रहेगा.

रक्षा बलों को दिए जा रहे अत्याधुनिक हथियार

उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी सभ्यता के विकास का एक ज़रूरी हिस्सा है और सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि दूर-दराज़ के इलाकों का कोई भी निवासी खुद को मुख्यधारा से कटा हुआ महसूस न करे. उन्होंने आगे इस बात पर ज़ोर दिया कि इनोवेशन, रिसर्च और काम को बेहतरीन ढंग से पूरा करना भविष्य के लिए तैयार रणनीतिक बुनियादी ढांचे की कुंजी है. सिंह ने कहा कि युद्ध के बदलते स्वरूप से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए रक्षा बलों में अत्याधुनिक हथियार और प्लेटफॉर्म शामिल किए जा रहे हैं, लेकिन भविष्य में भी बंदरगाह, हवाई अड्डे, सड़कें और सुरंगें अहम भूमिका निभाती रहेंगी.

सम्मेलन में कई अहम विषयों पर चर्चा

बुधवार को शुरू हुए दो दिवसीय सम्मेलन में कई अहम विषयों पर चर्चा हुई. इनमें नई तकनीकें, इंजीनियरिंग के नए समाधान, प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्लानिंग, प्रोजेक्ट की निगरानी और काम पूरा करने में डिजिटल बदलाव, टिकाऊ निर्माण के तरीके और भारत के सीमावर्ती इलाकों में रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को तेज़ करने के लिए अपनाए जाने वाले बेहतरीन तरीके शामिल थे. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस कार्यक्रम में सेना के वरिष्ठ अधिकारी, नीति निर्माता, इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञ, BRO अधिकारी, इंडस्ट्री के लीडर और टेक्नोलॉजी पार्टनर एक साथ आए ताकि रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के भविष्य पर मिलकर चर्चा कर सकें.

अटल टनल, उमलिंग ला पास से साबित की क्षमता

सिंह ने बताया कि पिछले साढ़े छह दशकों में BRO ने खुद को सिर्फ़ सड़क बनाने वाली एजेंसी से बदलकर दुनिया के सबसे सम्मानित रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर संगठनों में से एक बना लिया है. उन्होंने अटल टनल, उमलिंग ला पास और सेला टनल जैसी उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि ये BRO की क्षमता और कड़ी मेहनत के जीवंत प्रमाण हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इसके समर्पित कर्मचारियों ने बार-बार साबित किया है कि देश सेवा की भावना के साथ सबसे मुश्किल हालात में भी किसी भी चुनौती से पार पाया जा सकता है.

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News Source: PTI

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