Bihar Election 2025 : बिहार चुनाव के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुस्लिम वोट को लुभाने के लिए बीती घटनाओं को याद किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि विपक्ष सिर्फ मुसलमानों का इस्तेमाल वोट बैंक के लिए कर रहा है.
Bihar Election 2025 : बिहार में मतदाताओं को लुभाने के लिए सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव अभियान शुरू कर दिया और इसके साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का भी दौर शुरू हो गया है. सत्तारूढ़ और विपक्ष अलग-अलग जगहों पर रैलियां कर रहे हैं, जहां पर जमकर एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं. इसी कड़ी में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी INDIA ब्लॉक पर निशाना साधा. उन्होंने शनिवार को विपक्षी दलों के नेताओं पर आरोप लगाया कि वे खुद को मुस्लिम हितैषी बताकर उन्हें वोट बैंक की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं. सीएम नीतीश ने दावा किया कि विपक्षी नेता अल्पसंख्यक समुदाय के वोट हासिल करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई भी प्रतिनिधित्व देने को तैयार नहीं है.
NDA सरकार ने उचित प्रतिनिधित्व दिया
मुख्यमंत्री नीतीश ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि जब चुनाव आ रहे हैं तो कुछ लोग ( विपक्षी दलों के नेता) फिर से खुद को मुस्लिम समुदाय का हितैषी बताने की कोशिश कर रहे हैं. यह सब धोखा है और वह सिर्फ मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं. वह किसी भी तरह से अल्पसंख्यकों का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन मुख्यधारा में लाने के लिए कोई नीति नहीं बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि NDA सरकार में अल्पसंख्यक समुदाय को लोगों को हर क्षेत्र में उचित प्रतिनिधित्व मिल रहा है और बिना किसी भेदभाव के उन्हें हर एक क्षेत्र में मौका दिया जा रहा है. साथ ही पिछली सरकारों का रिकॉर्ड देखा जाए तो उन्होंने सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए इस्तेमाल किया है. नीतीश कुमार ने कहा कि मैं इस समुदाय से आग्रह करूंगा कि वे उनके वादों के जाल में कतई न फंसे.
हमारी सरकार ने सांप्रदायिक दंगे को रोका
जेडीयू सुप्रीमो ने कहा कि 2005 से पहले मुस्लिमों के लिए राज्य में कोई काम नहीं किया जाता था और राज्य में सांप्रदायिक झड़पें भी हुआ करती थीं. 24 नवंबर, 2005 को जब हम सत्ता में आए तो मुस्लिम समुदाय के समग्र विकास के लिए कदम उठाए गए. 2025-26 में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के बजट में 306 गुना वृद्धि की गई और सालाना 1080.47 करोड़ रुपये का प्रावधान हुआ. मुख्यमंत्री ने सांप्रदायिक घटनाओं को लगातार कम करने पर प्रकाश डाला.
इसके अलावा राज्य में 2006 से 8,000 से ज़्यादा कब्रिस्तानों की बाड़बंदी के लिए 1,273 अतिरिक्त स्थलों की पहचान की गई, जिनमें से 746 का काम पूरा किया जा चुका है. साथ ही जब हमें पहली बार सेवा का मौका मिला तो हमने 1989 के भागलपुर सांप्रदायिक दंगों की निष्पक्ष जांच कराई और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त से सजा देने का काम करवाया. साथ ही पीड़ितों को सरकार की तरफ से मुआवजा भी दिया गया. इसके अतिरिक्त दंगा प्रभावित परिवारों के लिए पेंशन की व्यवस्था भी की गई.
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