‘तुझ से मिलने का रास्ता बस एक…’ पढ़ें साक़ी फ़ारुक़ी के दिल जीत लेने वाले शेर

'तुझ से मिलने का रास्ता बस एक...' पढ़ें साक़ी फ़ारुक़ी के दिल जीत लेने वाले शेर

22 Jan 2026

'तुझ से मिलने का रास्ता बस एक...' पढ़ें साक़ी फ़ारुक़ी के दिल जीत लेने वाले शेर.

ख़ुदा के वास्ते

'ख़ुदा के वास्ते मौक़ा न दे शिकायत का,
कि दोस्ती की तरह दुश्मनी निभाया कर.

धड़कता ज़रूर

नामों का इक हुजूम सही मेरे आस-पास,
दिल सुन के एक नाम धड़कता ज़रूर है.

दरिया देख 

प्यास बढ़ती जा रही है बहता दरिया देख कर,
भागती जाती हैं लहरें ये तमाशा देख कर.

तमाम जिस्म

तमाम जिस्म की उर्यानियां थीं आंखों में,
वो मेरी रूह में उतरा हिजाब पहने हुए.

मोहब्बत में बदन 

रास्ता दे कि मोहब्बत में बदन शामिल है,
मैं फ़क़त रूह नहीं हूँ मुझे हल्का न समझ.

मिरे मिज़ाज 

 मैं खिल नहीं सका कि मुझे नम नहीं मिला,
साक़ी मिरे मिज़ाज का मौसम नहीं मिला.

उलझन का सबब

वो मिरी रूह की उलझन का सबब जानता है,
जिस्म की प्यास बुझाने पे भी राज़ी निकला.

मिलने का रास्ता 

तुझ से मिलने का रास्ता बस एक,
और बिछड़ने के रास्ते हैं बहुत.

लम्हों में ज़िंदा

लोग लम्हों में ज़िंदा रहते हैं,
वक़्त अकेला इसी सबब से है.

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