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IRCTC घोटाला मामला: आरोप तय होने के बाद लालू यादव पहुंचे दिल्ली हाईकोर्ट, जानें क्या है पूरा रेलवे स्कैम

by Neha Singh
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lalu Yadav

IRCTC Scam: लालू यादव ने IRCTC घोटाला मामले में रॉउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसपर सोमवार को सुनवाई होगी.

4 January, 2025

IRCTC Scam: रेलवे घोटाला मामले में राजद प्रमुख लाल यादव ने अब दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया. लालू यादव ने रॉउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें कोर्ट ने कथित IRCTC घोटाले मामले में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव और 11 अन्य के खिलाफ आरोप तय किए गए थे. कोर्ट सूत्रों के अनुसार, यह मामला 5 जनवरी को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के सामने सुनवाई के लिए लिस्टेड है.

रेलवे टेंडर में गड़बड़ी करने का आरोप

इससे पहले रॉउज एवेन्यू कोर्ट ने 13 अक्टूबर को कोर्ट ने आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप तय किए थे. कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि इस मामले में पूर्व रेलवे मंत्री लालू यादव समेत अन्य ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रांची और पुरी में रेलवे के होटलों के टेंडर में गड़बड़ी की थी, ताकि पसंदीदा कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा सके.” इससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा. बता दें, इस घोटाले की जांच 2017 में सीबीआई द्वारा दर्ज की एफआईआर के बाद शुरु हुआ.

सीबीआई के मुताबिक, साल 2004 से 2009 के बीच जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तो उन्होंने पटना और पुरी में रेलवे के होटलों का टेंडर अपनी कुछ खास कंपनियों को दिया. इसके बदले में कंपनियों ने उन्हें जमीन और शेयर के रूप में रिश्वत दी थी. जांच पूरी होने के बाद लालू यादव समेत 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई और राउज एवेन्यू कोर्ट ने सभी के खिलाफ आरोप तय किए थे. अब लालू यादव ने कोर्ट के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है.

इन धाराओं के तहत आरोप तय

लालू यादव के अलावा, कोर्ट ने प्रदीप कुमार गोयल, राकेश सक्सेना, भूपेंद्र कुमार अग्रवाल, राकेश कुमार गोगिया और विनोद कुमार अस्थाना के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (PC) अधिनियम की धारा 13(2) के साथ धारा 13(1)(d)(ii) और (iii) के तहत आरोप तय किए थे. धारा 13(2) एक लोक सेवक द्वारा आपराधिक कदाचार के लिए सजा से संबंधित है, और धारा 13(1)(d)(ii) और (iii) एक लोक सेवक द्वारा फायदे हासिल करने के लिए पद के दुरुपयोग से संबंधित है.

कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी, M/s LARA प्रोजेक्ट्स LLP, विजय कोचर, विनय कोचर, सरला गुप्ता और प्रेम चंद गुप्ता के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत आरोप तय किए जाएं. कोर्ट ने कहा था, “सभी (14) आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 120B (आपराधिक साजिश) के साथ IPC की धारा 420 और PC अधिनियम की धारा 13(2) के साथ धारा 13(1)(d)(ii) और (iii) के तहत एक सामान्य आरोप तय करने का निर्देश दिया जाता है.” PC अधिनियम के तहत अधिकतम सजा 10 साल है, जबकि धोखाधड़ी के लिए सात साल है.

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