Home राज्यRajasthan सेना दिवस परेड: भविष्य के युद्धों के लिए भारत पूरी तरह तैयार, झुकने का सवाल ही नहीं: जनरल द्विवेदी

सेना दिवस परेड: भविष्य के युद्धों के लिए भारत पूरी तरह तैयार, झुकने का सवाल ही नहीं: जनरल द्विवेदी

by Sanjay Kumar Srivastava
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Army Chief General Upendra Dwivedi

Army Day Parade: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने गुरुवार को कहा कि भारत भविष्य में होने वाले किसी भी युद्ध के लिए तैयार है. हमारा देश किसी के आगे झुकने वाला नहीं है.

Army Day Parade: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने गुरुवार को कहा कि भारत भविष्य में होने वाले किसी भी युद्ध के लिए तैयार है. हमारा देश किसी के आगे झुकने वाला नहीं है. आज हमारे पास सुप्रशिक्षित सैनिक, आधुनिक उपकरण और बहुआयामी परिचालन क्षमताएं हैं. सैनिकों को और भी अधिक सक्षम बनाने के लिए नए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा रहा है. जनरल द्विवेदी ने जयपुर में सेना दिवस परेड के अवसर पर कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सेना की सोच में स्पष्ट बदलाव आया है. हम न केवल वर्तमान चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, बल्कि भविष्य के युद्धों की भी तैयारी कर रहे हैं. इस दिशा में नई संरचनाएं बनाई जा रही हैं, जिन्हें भविष्य की जरूरतों के अनुसार सुसज्जित और प्रशिक्षित किया जा रहा है.उन्होंने कहा कि भैरव बटालियन और शक्ति बाण रेजिमेंट जैसी नई इकाइयां गठित की गई हैं. उन्होंने कहा कि आज की परेड ने परंपरा और परिवर्तन का एक सुंदर मिश्रण प्रदर्शित किया. नेपाल आर्मी बैंड ने हमारे मजबूत संबंधों को दर्शाया, जबकि नई इकाइयों ने सेना की उभरती ताकत का प्रदर्शन किया.

राजस्थान की भूमि पर कई नायकों ने रचा है इतिहास

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना किसी भी प्रकार के हमले के लिए हर समय पूरी तरह से तैयार है. हम भविष्य के युद्ध के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. हमने परेड में इसका प्रदर्शन किया. आने वाले दिनों में ऐसी तैयारियां और भी बढ़ेंगी. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना समय के साथ खुद को ढालती रहेगी और आवश्यक बदलाव लाएगी. उन्होंने कहा कि ‘मेड इन इंडिया’ उपकरणों के प्रदर्शन से परेड ने यह दर्शाया कि परिवर्तन की नींव आत्मनिर्भरता है. भारतीय सेना को भविष्य में ऐसे उपकरणों की आवश्यकता है जो भारत में ही डिजाइन और विकसित किए गए हों. स्वदेशीकरण केवल एक लक्ष्य नहीं है, आज यह एक रणनीतिक आवश्यकता बन गई है. जनरल द्विवेदी ने कहा कि सैन्य और नागरिक दोनों उद्देश्यों के लिए उपयोगी संसाधनों पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जो देश के समग्र विकास में योगदान करते हैं. जयपुर में परेड के आयोजन पर उन्होंने कहा कि राजस्थान वह भूमि है जहां कई नायकों ने इतिहास रचा है. इसलिए सेना दिवस परेड के लिए इस भूमि को चुना गया.

युद्ध की अवधि का पहले से अनुमान नहीं

उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष ने इस बात को रेखांकित किया है कि किसी भी युद्ध की अवधि का पहले से अनुमान नहीं लगाया जा सकता है. कहा कि संघर्ष कुछ दिनों तक चल सकते हैं या वर्षों तक खिंच सकते हैं. द्विवेदी ने कहा कि घातक और विशेष बलों के बीच की खाई को पाटने के लिए भैरव बटालियन का गठन किया गया है. युद्धक्षेत्र तेजी से बदल रहा है, और हमें इसके साथ तालमेल बैठाने के लिए तेजी से आगे बढ़ने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि हम भविष्य की भविष्यवाणी नहीं कर सकते, इसलिए बदलती परिस्थितियों के अनुकूल होना आवश्यक है. आज का युद्ध चार दिन चलेगा या चार साल, यह केवल युद्धक्षेत्र में ही पता चलेगा. सेना प्रमुख ने देश में अनुसंधान और विकास पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि लंबे युद्ध के लिए उपकरण और आपूर्ति का निर्माण व मरम्मत देश के भीतर ही किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अनुसंधान और विकास बहुत महत्वपूर्ण हैं. जब तक भारत अनुसंधान और विकास पर ध्यान केंद्रित नहीं करेगा, तब तक हम लंबा युद्ध नहीं लड़ पाएंगे और पूर्ण आत्मनिर्भरता प्राप्त नहीं कर पाएंगे. उन्होंने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन और शिक्षाविदों के सहयोग से आगे बढ़ने के तरीकों पर विचार-विमर्श कर रही है.

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