Home Top News मतदाता सूची से नाम हटाने पर ममता बनर्जी का बड़ा हमला, कहा- बंगाल विभाजन की हो रही साजिश

मतदाता सूची से नाम हटाने पर ममता बनर्जी का बड़ा हमला, कहा- बंगाल विभाजन की हो रही साजिश

by Sanjay Kumar Srivastava
0 comment
बंगाल विभाजन की साजिश: मतदाता सूची से नाम हटाने पर ममता बनर्जी का बड़ा हमला, चुनाव से पहले सियासी घमासान

SIR Controversy: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपने विरोध प्रदर्शन को और तेज कर दिया.

SIR Controversy: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपने विरोध प्रदर्शन को और तेज कर दिया. कोलकाता के मेट्रो चैनल पर आयोजित धरने के दूसरे दिन एक जनसभा को संबोधित करते हुए बनर्जी ने दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) के बहाने बंगाली भाषी लोगों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने का मुख्य उद्देश्य राज्य को भौगोलिक रूप से विभाजित करना और बंगालियों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित करना है. उन्होंने इसे भाजपा की एक गहरी साजिश करार दिया, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए.

कई मतदाताओं को दिखाया गया मृत

ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल के मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने के लिए सुनियोजित तरीके से नाम काटे जा रहे हैं, जिसे हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे. शुक्रवार से शुरू हुए इस धरने में मुख्यमंत्री ने पूरी रात धरना स्थल पर ही बिताई. आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में उनका यह रुख काफी आक्रामक है. टीएमसी सुप्रीमो ने स्पष्ट किया कि वह राज्य की अखंडता और बंगाली अस्मिता की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगी. सीएम ने अपना दावा भी दोहराया कि कई मतदाताओं को गलत तरीके से मृत के रूप में चिह्नित किया गया था. कहा कि वह ऐसे व्यक्तियों को मीडिया और चुनाव आयोग के सामने पेश करेंगी ताकि वह इसे आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा की मदद करने के लिए मतदाता सूची में हेरफेर करने के प्रयास के रूप में वर्णित कर सकें.

चुनाव से पहले सियासी घमासान

28 फरवरी को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल नवंबर में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद से 63.66 लाख मतदाता हटा दिए गए हैं, जिससे मतदाता आधार लगभग 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ से अधिक हो गया है. इसके अलावा 60.06 लाख से अधिक मतदाताओं को “निर्णय के तहत” रखा गया है, जिसका अर्थ है कि उनकी पात्रता आने वाले समय में कानूनी जांच के माध्यम से निर्धारित की जाएगी. टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर किसी भी बंगाली मतदाता का अधिकार छीनने नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि भाजपा बंगालियों का मताधिकार छीनना चाहती है. कहा कि भाजपा की ऐसी किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देंगी. भाजपा का बंगाल की सत्ता पर काबिज होना केवल सपना रह जाएगा. उन्होंने कहा कि अंतिम दम तक बंगाली अस्मिता की लड़ाई लड़ती रहेंगी. भाजपा की हर साजिश को नाकाम करेंगी.

ये भी पढ़ेंः ‘आतंकवाद में फंसा देंगे’ कहकर 90 लाख ठगे, फर्जी ATS अधिकारियों का पर्दाफाश, 3 गिरफ्तार

News Source: PTI

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?