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EC के निर्देश पर MLA के खिलाफ दर्ज नहीं हुई FIR, पुलिस बोली- दर्ज नहीं हुई शिकायत; जानें मामला

by Sachin Kumar
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West Bengal SIR FIR against TMC MLA Monirul Islam EC deadline

West Bengal SIR : इस घटना का संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार से बात की और FIR दर्ज करने का निर्देश दिया.

West Bengal SIR : पश्चिम बंगाल SIR के बीच अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि इलेक्शन कमीशन की तरफ से डेडलाइन खत्म होने के 24 घंटे का समय बीतने के बाद भी TMC विधायक के ऊपर FIR दर्ज नहीं हुई. मुर्शिदाबाद ज़िले के फरक्का ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस में चल रहे वोटर लिस्ट के SIR के दौरान हुई तोड़फोड़ को लेकर TMC विधायक मोनिरुल इस्लाम पर FIR दर्ज करने के निर्देश दिए गए. आयोग ने गुरुवार को निर्देश दिया कि फरक्का BDO ऑफिस में 14 जनवरी को हुई हिंसा में कथित भूमिका को लेकर FIR दर्ज की जाए. हालांकि, पुलिस के सूत्रों ने बताया कि अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है.

BDO ऑफिस में तोड़फोड़ का लगा आरोप

इस मामले में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमें अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है और यही वजह है कि FIR दर्ज नहीं की गई है. वहीं, अब आयोग के निर्देश को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं, जबकि इलेक्शन कमीशन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले कानून व्यवस्था को सख्ती लागू करने की बात कही है. मामला यह है कि 14 जनवरी को फरक्का BDO ऑफिस में SIR की सुनवाई के दौरान हिंसा भड़क गई, जब स्थानीय लोगों ने MLA के नेतृत्व में ऑफिस पर हमला बोला दिया. वहीं, चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, टीएमसी एमएलए ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें उन्होंने SIR प्रक्रिया के दौरान जनता को परेशान करने का आरोप लगा.

FIR में नहीं था TMC MLA का नाम

वहीं, इस घटना का संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार से बात की और FIR दर्ज करने का निर्देश दिया. हालांकि इसके बाद एफआईआर दर्ज की, लेकिन इसमें आरोपी के रूप में मोनिरुल इस्लाम का नाम शामिल नहीं था. आयोग ने निर्देश दिया कि एक नई एफआईआर दर्ज की जाए और उसमें इस्लाम का नाम होना जरूरी है. आयोग के निर्देश पर इस्लाम ने कहा कि कानून अपना काम करेगा और न्यायपालिका के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं. इस पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने प्रशासनिक प्रतिक्रिया पर सवाल उठाया. क्या इस राज्य में अधिकारियों के पास एफआईआर दर्ज करने का अधिकार है. ऐसा लगता है कि एक जिला मजिस्ट्रेट के पास भी निर्देश जारी करने की शक्ति नहीं है. हालांकि, टीएमसी ने इस निर्देश का विरोध किया है. वहीं, पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना स्वाभाविक है. अगर लोग विरोध नहीं करेंगे तो क्या करेंगे?

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News Source: Press Trust of India (PTI)

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