Home Latest News & Updates रोजगार और निवेश को मिलेगी रफ्तार: देशभर में बनेंगे नए मेगा टेक्सटाइल पार्क, बदलेगी कपड़ा उद्योग की तस्वीर

रोजगार और निवेश को मिलेगी रफ्तार: देशभर में बनेंगे नए मेगा टेक्सटाइल पार्क, बदलेगी कपड़ा उद्योग की तस्वीर

by Sanjay Kumar Srivastava
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रोजगार और निवेश को मिलेगी रफ्तार: देशभर में बनेंगे नए मेगा टेक्सटाइल पार्क, बदलेगी कपड़ा उद्योग की तस्वीर

Budget 2026: भारत सरकार ने रोजगार-प्रधान कपड़ा क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए बजट में कई बड़े सुधारों की घोषणा की है. इस पहल के तहत देश भर में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे.

Budget 2026: भारत सरकार ने रोजगार-प्रधान कपड़ा क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए बजट में कई बड़े सुधारों की घोषणा की है. इस पहल के तहत देश भर में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे, जो निवेश आकर्षित करने और बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए केंद्र के रूप में कार्य करेंगे. यह योजना औद्योगिक, चिकित्सा और रक्षा जैसे क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी वस्त्रों (Technical Textiles) के विकास को भी गति देगी. इसके अतिरिक्त खादी और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल’ शुरू की जाएगी.खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को मजबूत करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू की जाएगी. यह पहल वैश्विक बाजार संपर्क, ब्रांडिंग, सुव्यवस्थित प्रशिक्षण, कौशल विकास, गुणवत्ता सुधार और आधुनिकीकरण पर केंद्रित होगी. इससे बुनकरों, ग्राम उद्योगों, ग्रामीण युवाओं को लाभ होगा और एक जिला एक उत्पाद (ODOP) पहल को बढ़ावा मिलेगा.

वस्त्र निर्यातकों को मिलेगी राहत

वस्त्र, चमड़ा और समुद्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बजट में शुल्क-मुक्त आयातित कच्चे माल से निर्मित वस्त्र, चमड़े के वस्त्र, चमड़े या सिंथेटिक जूते और अन्य चमड़े के उत्पादों के निर्यातकों के लिए निर्यात अवधि को 6 महीने से बढ़ाकर 12 महीने करने की घोषणा की गई है. यह उपाय वस्त्र निर्यातकों को काफी राहत प्रदान करेगा, जो वर्तमान में भारत के सबसे बड़े निर्यात बाजार अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क से जूझ रहे हैं. अपने बजट भाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक रेशों, मानव निर्मित रेशों और आधुनिक रेशों में आत्मनिर्भरता के लिए ‘राष्ट्रीय रेशा योजना’ की घोषणा की. वित्त मंत्री ने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ वस्त्रों और परिधानों को बढ़ावा देने के लिए टेक्स-इको पहल की घोषणा की. उन्होंने स्थानीय निर्माताओं को अधिक कुशल, टिकाऊ बनने तथा वैश्विक बाजारों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने में मदद करने के लिए समर्थ 2.0 कौशल विकास योजना का भी अनावरण किया. सीतारामन ने खेल सामग्री के लिए एक समर्पित पहल का भी प्रस्ताव रखा, जो उपकरण डिजाइन के साथ-साथ सामग्री विज्ञान में निर्माण, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देगी.

बजट को बताया दूरदर्शी, विकासोन्मुखी और संतुलित

बजट की घोषणा के बाद कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि यह एक समग्र और व्यापक बजट है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि के बाद वस्त्र उद्योग को दूसरा सबसे बड़ा रोजगार क्षेत्र बताया है. भारतीय कपड़ा उद्योग परिसंघ (सीआईटीआई) के अध्यक्ष अश्विन चंद्रन ने कहा कि यह बजट कपड़ा एवं परिधान क्षेत्र को भविष्य के लिए तैयार करने, इसे वैश्विक चुनौतियों के प्रति अधिक लचीला बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता का एक सशक्त प्रमाण है. यह बजट वस्त्र उद्योग के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है. परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) के अध्यक्ष ए शक्तिवेल ने कहा कि बजट दूरदर्शी, विकासोन्मुखी और संतुलित है. यह आत्मनिर्भरता, स्थिरता, रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर विशेष ध्यान देते हुए भारत के वस्त्र एवं परिधान पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त करता है. भारतीय वस्त्र निर्माता संघ (सीएमएआई) के अध्यक्ष संतोष कटारिया ने कहा कि हम वित्त मंत्री के बजट 2026-27 और भारत की वस्त्र मूल्य श्रृंखला के लिए घोषित व्यापक उपायों का स्वागत करते हैं.

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News Source: Press Trust of India (PTI)

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