NIA : पूर्वोत्तर के मिजोरम में 6 यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी कीव की प्रतिक्रिया सामने आई है. कीव का कहना है कि हम भारत से पारदर्शी और निष्पक्ष की जांच की मांग करते हैं.
NIA : भारत में 6 यूक्रेनी नागरिकों को हिरासत में लिए जाने के कुछ दिनों बाद यूक्रेन की प्रतिक्रिया आई है. कीव ने गुरुवार को इस मामले में एक पारदर्शी जांच की मांग की और इसमें सहयोग करने की बात कही. यूक्रेन ने कहा कि वह भारत में आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करने में यूक्रेनी राज्य की संभावित संलिप्तता के संबंध में किसी भी तरह के संकेत को पूरी तरह खारिज करता है. बता दें कि यूक्रेन के 6 नागरिक बिना अनुमति के मिजोरम में प्रवेश करने और कथित गैर-कानूनी गतिविधियों के आरोप में हिरासत में लिया गया है. इस मामले में एक अमेरिकी नागरिक को भी हिरासत में लिया गया.
गैर-कानूनी गतिविधियों के आरोप लगाए
यूक्रेन के राजदूत ओलेक्जेंडर पोलिशचुक ने विदेश मंत्रालय में सचिव सिबी जॉर्ज से मुलाकात की थी और इन यूक्रेनी नागरिकों तक राजनयिक पहुंच की मांग की. इसके अलावा यूक्रेन के दूतावास ने गुरुवार को मीडिया रिपोर्टों में कड़ा संज्ञान लिया, जिनमें कहा गया था कि इस मामले में कार्रवाई की शुरुआत रूसी पक्ष द्वारा दी गई जानकारी से प्रेरित थी. रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेनी नागरिकों पर गैर-कानूनी गतिविधियों के आरोप लगाए गए थे. उन पर म्यांमार में कुछ ऐसी संस्थाओं की कथित तौर पर मदद करने का आरोप है, जो भारत विरोधी विद्रोही समूहों के साथ मिलकर काम करती हैं.
दूतावास ने जताई चिंता
एक बयान में दूतावास ने अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की. उसने दावा किया कि इस मामले में ऐसी परिस्थितियां मौजूद हैं जो इसके संभावित रूप से सुनियोजित और राजनीतिक रूप से प्रेरित होने की ओर इशारा करती हैं. इसके अलावा दूतावास ने अगस्त 2024 में जारी भारत-यूक्रेन संयुक्त बयान का भी जिक्र किया जिसें दोनों पक्षों ने आतंकवाद की सिरे निंदा की थी और इस बात पर भी जोर दिया था कि आतंकवाद का समूल नाश होना चाहिए.
भारत की सुरक्षा से नहीं होगा खिलवाड़
6 यूक्रेनी नागरिकों गिरफ्तारी पर यूक्रेन का कहना है कि आतंकवाद से जुड़ किसी भी आरोप की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए. साथ ही दोनों सरकारों के बीच में सहयोग भी होना चाहिए. साथ ही यूक्रेन का यह भी कहना है कि वह भारतीय अधिकारियों को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं. यूक्रेनी दूतावास का स्पष्ट कहना है कि हम ऐसी किसी भी गतिविधि में कोई दिलचस्पी नहीं लेते हैं जिससे भारत की सुरक्षा को कोई खतरा पहुंचें.
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News Source: PTI
