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सूरत से अहमदाबाद तक जाली नोटों का जालः VVIP स्टिकर लगी SUV से करोड़ों की नकली करेंसी बरामद

by Sanjay Kumar Srivastava
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सूरत से अहमदाबाद तक जाली नोटों का जालः VVIP स्टिकर लगी SUV से करोड़ों की नकली करेंसी बरामद, 7 गिरफ्तार

Fake Notes: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 2.38 करोड़ रुपए के नकली नोट जब्त किए हैं. इस मामले में एक महिला समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

Fake Notes: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 2.38 करोड़ रुपए के नकली नोट जब्त किए हैं. इस मामले में एक महिला समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने यह कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर अमराईवाड़ी इलाके के पास की, जहां एक संदिग्ध SUV को रोका गया. तलाशी के दौरान वाहन से 500 रुपये के 42,000 नकली नोट (कुल 2.38 करोड़ रुपए) बरामद हुए. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मुकेश थुम्मर, अशोक मवानी, रमेश भालर, दिव्येश राणा, प्रदीप जोतांगिया, भरत काकाड़िया और एक महिला के रूप में हुई है. हैरान करने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपियों में से एक प्रदीप जोतांगिया सूरत के ‘श्री सत्यम योग फाउंडेशन’ में आध्यात्मिक और योग शिक्षक है.

घर में छापे जा रहे थे नोट

अपराध को छिपाने के लिए आरोपियों ने अपनी SUV पर “VVIP” स्टिकर और भारत सरकार के आयुष मंत्रालय से मान्यता प्राप्त होने की फर्जी प्लेट लगा रखी थी.पुलिस उपायुक्त अजीत राजियान ने बताया कि ये नोट उच्च गुणवत्ता वाले ‘फेक इंडियन करेंसी नोट्स’ (FICN) हैं. फिलहाल पुलिस इस गिरोह के नेटवर्क और नोटों की छपाई के मुख्य स्रोत की जांच कर रही है. अधिकारी ने कहा कि वाहन के अंदर एक काले बैग से नोटों के बंडल बरामद किए गए थे. उन्होंने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. क्राइम ब्रांच की एक टीम तुरंत सूरत भेजी गई और सूरत क्राइम ब्रांच के सहयोग से एक घर से 28 लाख रुपये के नकली नोट जब्त किए गए. वहां भारी मात्रा में नोट छापे जा रहे थे. डीसीपी राजियन ने कहा कि कुछ उपकरण भी जब्त किए गए.

रैकेट का सरगना था मुकेश थुम्मर

अधिकारियों ने बताया कि मुकेश थुम्मर रैकेट का सरगना था. उसने प्रिंटर और कागज काटने वाली मशीनों सहित उपकरण और कच्चे माल की व्यवस्था की थी. पिछले चार महीनों से इस जगह पर नकली नोट छापे जा रहे थे. आरोपी ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से चीनी स्रोतों से आरबीआई चिह्नों जैसा सुरक्षा थ्रेड पेपर खरीदा था. जांच से यह भी पता चला कि फोटो संपादन सॉफ्टवेयर और चैटजीपीटी जैसे एआई आधारित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नकली नोटों के डिजाइन, लेआउट और दृश्य विशेषताओं को बनाने के लिए किया गया था. आरोपियों में से एक के पास ग्राफिक संपादन और मुद्रण प्रक्रियाओं में विशेषज्ञता थी. आरोपियों ने शुरू में कुछ लेनदेन में नकली नोटों का उपयोग करके उसका परीक्षण किया. राजियन ने कहा कि यह विश्वास होने के बाद कि नकली नोटों का पता नहीं चल रहा है, उन्होंने अतिरिक्त नोट तैयार करने के लिए एजेंटों को नियुक्त किया.

ये भी पढ़ेंः घर पर फायरिंग, 10 करोड़ की मांग, पूरे परिवार को बम से उड़ाने की धमकी, लॉरेंस बिश्नोई के नाम से डरा व्यापारी

News Source: PTI

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